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Showing posts from May, 2020

Aaj ka vichar (25/05/2020)

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                                    नमस्कार 👏💐 आज कोरोना के रूप में दुनिया के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। इसका समाधान किसी देश के पास नहीं है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन से खपत में कमी और कारोबारी गतिविधियां ठप होने से देश चुनौतियों का सामना कर रही है। मूडीज इन्वेस्टर्स ने कहा कोरोना संकट से पहले भी घरेलू अर्थव्यवस्था की विकास धीमी पड़कर 6 साल के निचले स्तर पर चली गई है। आपदा किसी पर कभी भी आ सकती है। इसका हमेशा धैर्य, उचित विचार और उपाय से सामना किया जा सकता है। जल्दबाजी से कभी नहीं हो सकता, क्योंकि इसमें चूक होने की आंशका होती है। लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों के सामने जो समस्या पैदा हुई है, वह स्वाभाविक है। क्योंकि वे लोग जहां काम करते थे, वहां काम बंद होने पर वेतन नहीं दिया गया, उलटे बकाया वेतन रोक लिया गया। कोरोना संकट में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए माननीय श्री प्रधानमंत्री जी ने आर्थिक राहत दी, वह निश्चित ही आक्सीजन का काम करेगी। इसमें सरकार ने स...

Aaj ka vichar (18/05/2020)

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                                  नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस से उपजी महामारी कोविड  19 के कारण विश्व में जैसे हालात बने वे असाधारण है। किसी को ऐसे हालात का सामना करने का अनुभव नहीं था। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण जो स्थितियां उत्पन्न हुई हैं वे लम्बें समय तक बनी रहेंगी। हम लोगों को कोविड 19 के साथ जीना सीखना होगा। परिवारों में वर्तमान आर्थिक माहौल का सामना करने की सीमित क्षमता है। ग्रामीण परिवारों की आय पर ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।अगर अर्थव्यवस्था जुलाई तक बंद रही रही तो, बहुत सारे छोटे व्यापारों का भट्टा बैठ जायेगा। अगर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उघमों की बात करें, तो लॉकडाउन का इस क्षेत्र पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जीविका के लिए यह जरूरी है कि व्यापार और अर्थव्यवस्था खुल जाये। कम से कम उन इलाकों में जहां पर कोविड 19 का प्रकोप कम है। काफी लोगों की जीविका दाव पर लगी हुई है और जब तक कोविड 19 का कोई टीका नही आ जाता हम लोगों को इस बीमारी के साथ एहतियात रखने की आदत डालनी पड़ेगी। अगर लोग...

Aaj ka vichar (17/05/2020)

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                                   नमस्कार 👏💐 कोविड 19 की वजह से लगभग 54 दिन का लॉकडाउन पूरा होने को है। लेकिन लॉकडाउन खुलने की कोई सम्भावना नहीं है। बड़े छोटे हर व्यापार को शुरू करने के लिये पैसे की जरूरत होती है। जब व्यापार चलता है, तो इससे जुड़े लोग पैसा कमाते हैं। चाहे कर्मचारी हो या आपूर्ति कर्ता। व्यापार के चलने से सरकार भी पैसा कमाती है। इस पैसे को देश के कल्याण के लिए खर्च करती है। मगर पिछले कुछ हफ्तों में ये पूरी प्रकिया टूट गई है। अभी बड़े और छोटे व्यापार, दोनों बंद पड़े लेकिन अब ऐसी स्थिति आन पड़ी है कि इलाज बीमारी से भी बदतर लग रहा है। मई 10 को बेरोजगारी की दर करीब 24 फीसदी तक पहुंच गयी है। इस समय भारत में औसतन हर चौथा कामगर बेरोजगार है। लॉकडाउन से घरेलू आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एक हालिया अध्ययन मे पाया गया कि लगभग 84 फीसदी भारतीय परिवारों में लॉकडान के बाद आय में कमी आयी है। इसलिए बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए अपने मनःस्थिती को बदलने की जरूरत है। क्या और किस तरह से कर सकत...

Aaj ka vichar (16/05/2020)

                                  नमस्कार 👏💐 तमाम देश अपनी अर्थव्यवस्था को बल देने और कोविड 19 के बाद के युग के लिए तैयार होने के तरीके खोज रहे हैं। कोविड संकट में सबकी सबसे पहली चिंता यही है कि जिंदगी कैसे चलाई जाए? जिंदगी चलाने का सवाल आते ही चिंता शुरू हो जाती है और यह है कमाने, बचाने और पैसे को सही जगह लगाने का हिसाब कैसे जोड़ा जाए? जो लोग कारोबार कर रहे है उनके लिए कारोबार को पटरी पर लाने की चिंता है। जो लोग नौकरी कर रहे हैं उन्हें नौकरी बचाने, तनख्वाह कटने या उसके न बढ़ने की चिंता। जिनको किराया,कर्ज की किस्तें या कोई और भुगतान करना है, उन्हें उसका इंतजाम करने की चिंता। घर का खर्च, बच्चों के स्कूल की फीस, तरह-तरह के बिल और कहीं कोई मुसीबत आ पड़ी, तो ये सारी चिंताए तो है ही। कुछ लोग तो वषों से हिसाब लगा रहे थे, प्लानिंग करके पैसे जोड़ रहे थे और काफी हद तक निश्चित हो चुके थे। कुछ का गणित आज भी काम कर रहा है। और वे चैन की नींद सो रहे है लेकिन आप उनमें शामिल नहीं है और अगर आप अचानक खुद को संकट में पा र...

Aaj ka vichar (15/05/2020)

                                   नमस्कार 👏💐 कोविड 19 के कारण लॉकडाउन लगभग दो माह होने को है लेकिन अभी भी लॉकडाउन हटने की संभावना कम ही है। कोविड 19 के संकट से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। डब्ल्यू एच ओ की मानें तो कोरोना वायरस शायद कभी खत्म होने वाला नहीं है। एचआईवी की तरह इसका वजूद हमेशा के लिए रह सकता है। कोविड 19 कब तक जायेगा, वैक्सीन कब तक मिलेगा और वैक्सीन कितना प्रभावशाली होगा अभी उसके बारे में बता पाना मुश्किल है। जिस तरह से वर्तमान समय में 100 से अधिक वैक्सीन है लेकिन खसरा जैसी अन्य बीमारियां खत्म नहीं हो सकी। इस महामारी की वजह से चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर एलान किया है। देश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में आत्मनिर्भरता की नई डगर कारगार साबित होगी। देश की आत्मनिर्भरता मे ग्रामीण भारत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार कोविड 19 का भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सबसे कम असर...

Aaj ka vichar (14/05/2020)

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                              नमस्कार 👏💐 कोविड 19 की वजह से लगभग दो माह लॉकडाउन के होने वाले हैं। देश की आर्थिक स्थिति चरमरा रही है। कोरोना वायरस महामारी कब खत्म होगा। इसको लेकर अभी तक संदेह बना हुआ है। जिसकी वजह से सरकार ने भी लॉकडाउन को न हटा कर कुछ चीजों मे राहत दे दिया है। लेकिन इसके लिए सरकार ने भी लोगों से अनुरोध किया है कि आप लोग आत्मनिर्भर बने। क्योंकि आत्मनिर्भर बनकर ही देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर कर सकते हैं और अपने जैसे कुछ लोगों को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं। कल यदि चीन का कब्जा हो जाये तो उसके जिम्मेदार हम लोग होगे। क्योंकि अग्रेंजो ने भी भारत में व्यापार करके ही देश को गुलाम बनाया था। तब लोग अनपढ़ थे। लेकिन आज समझदार हैं।                       #पहले-लोकल-फिर-वोकल-फिर-ग्लोबल                        9 जिनको अपने काम पर भरोसा होता है               ...

Aaj ka vichar (13/05/2020)

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                                     नमस्कार👏💐 कोविड 19 की वजह से लगभग दो माह से लॉकडाउन बना हुआ है। अभी लॉकडाउन के बढाने की संम्भावना है। कोविड 19 की वजह से लॉकडाउन लोगों के लिए अवसर लेकर आया है। जिसतरह लोगों को लॉकडाउन के पहले इस स्थिति का अंदाजा नहीं था उसी तरह से इस लॉकडाउन के बाद भी क्या होगा लोगों को पता नहीं है। यह परिवर्तन का समय हैं। लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था, रोजगार, कृषि, रहन सहन और शिक्षा सभी कुछ बंद हैं। देश की आर्थिक स्थिति और रोजगार को बेहतर करने के लिए खुद से जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। आप लोग लीडर हो और लीडर को जिम्मेदारी लेनी पड़ती हैं देनी नहीं पड़ती है। देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए हम सभी को एक साथ आना पड़े। देश किसी के लिए कुछ नहीं करता है सरकार और लोगों को देश के लिए करना पड़ता हैं। सरकार भी चाहती हैं आप सभी 'सेल्फ मेड' बने। मैं भी चाहता हूँ आपके सेल्फ मेड बनने मे सहयोग कर सकूं। इसके लिए मनःस्थिति बदले परिस्थिति स्वयं ही बदल जायेगी। तो चलिये आइये आज एक सिंद्धात के ...

Aaj ka vichar (12/05/2020)

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                                   नमस्कार 👏💐 कोविड 19 की वजह से लॉकडाउन है। जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था खराब होती जा रही है। देश में मंदी भी आ रहा है। जिसकी वजह से लोगों के रोजगार, रहन सहन और खानपान की समस्या बढ़ती जा रही है। लेकिन क्या इस समस्या से बाहर लाने का काम केवल सरकार का हैं? जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम लोगों का भी कर्तव्य बनता है कि हम लोग अपने देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए कुछ ऐसा करना चाहिए। आज हम लोगों को अपने दृष्टिकोण और मानसिक विचार मे बदलाव लाने की जरूरत है। "अगर आप किसी को रोटी खिलाते है तो उसका पेट एक दिन के लिए भरेगा.. लेकिन अगर आप किसी को रोटी कमाने का तरीका सिखा देते है.. तो वो जीवन भर अपना पेट भर सकता है..!!" हम लोगों को कुछ इस तरह से काम करने की आवश्यकता है। जिससे हम लोग अपने जैसे कुछ लोगों को सफल बना सकें। कैसे काम करना है किस तरह से काम करना है और क्या सपना लेकर काम करना है । जॉब देने वाला बने । जॉब करने वाला नही। केवल 2 लोगो को सफल बना...

Aaj ka vichar (10/05/2020)

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                                      नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन हो गया है। जिससे अर्थव्यवस्था खराब हो रही है और बेरोजगारी बढ़ा रही है। क्या आप लॉकडाउन के साथ और लॉकडाउन के बाद भी बढ़ती बेरोजगारी को रोकने और अर्थव्यवस्था को बेहतर करना चाहते है। जिंदगी पहले भी,अभी भी और आगे भी जैसे तैसे काट जायेगी। लेकिन क्या आप अपनी फैमिली और देश के लिए कुछ करना नहीं चाहते हैं। एक दिन के लिए जनता कफ्र्यू हुआ था। तब किसी ने भी कल्पना मात्र तक नहीं की थी। कि देश क्या दुनिया मे सब कुछ बंद हो जायेगा। उसी तरह से लॉकडाउन खत्म होने के बाद क्या होगा या किसी तरह की स्थिति होगी।  सीधी सी बात है सभी चीजों के नकारात्मक और सकारात्मक दो पहलू हैं। उसी प्रकार इस लॉकडाउन के भी दो पहलू हैं। कुछ लोग इसके नकारात्मक पहलू के साथ रह रहे हैं और कुछ लोग सकारात्मक पहलू के साथ रह रहे है। आप अपने को किस मे रख रहे हैं। नकारात्मक होने के लिए कई कारण मिल सकते है। लेकिन सकारात्मक रखने के लिए कुछ ही चीज मिलेगा।...

Aaj ka vichar (09/05/2020)

                                      नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस की वजह से एक माह से अधिक समय लॉकडाउन का हो गया है। लेकिन कोरोना खत्म होने का कोई नामों निशान नहीं है। यह कोरोना वायरस कब खत्म होगा। इसको लेकर सभी लोगों मे कंफ्यूजन हैं। इस महामारी की वजह से लॉकडाउन आगे बढ़ने की सम्भावना आधिक हैं।  रोजगार, कृषि, उत्पादन क्षेत्र और टूरिज्म सभी क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था खराब हो गया है। मंदी का बदल मण्डरा रहा है। लेकिन इस कोरोना वायरस महामारी से हटकर लोगों को सोचना होगा। क्योंकि कोरोना महामारी के बारे में सोचकर आप कुछ नहीं कर सकतेहै। इसलिए लोगों को अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी पर ध्यान देना चाहिए। लोगों द्वारा उठाया गया एक एक कदम बहुत आगे ले जा सकता है। इस लॉकडाउन को लोग दो तरह से जी रहे हैं। एक वो लोग हैं जो मौज मस्ती के साथ दिन बिता रहे है। क्योंकि उनको लगता है यह लॉकडाउन उनके अकेले के लिए नहीं है, सभी लोगों के लिए है। और दूसरे वे आप जैसे लोग है जो इस लॉकडाउन में भी अपने को बेहतर करने में लगे ह...

Aaj ka vichar (08/05/2020)

                                 नमस्कार👏💐 कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन 22/04/2020 से जनता कफ्र्यू से शुरू हुआ जो अभी 17/05/2020 तक चलेगा और अभी कितने दिनों तक रहेगा पता नहीं क्योंकि कोविड 19 महामारी को लेकर संदेह बना हुआ है। इस लॉकडाउन की वजह से देश की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। इससे मंदी,बेरोजगारी और गरीबी बढ़ती जा रही हैं। जिसतरह से लॉकडाउन के पहले इस स्थिति का अंदेशा किसी को नहींं था,वैसे ही लॉकडाउन के बाद किसी तरह की स्थिति होगी इसका अंदेशा भी किसी को नहीं है। इसलिये लोगों को आचार व्यवहार के साथ अपनी बदली हुई मानसिकता से विचार करना की जरुरत है। 'आपको आगेे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है यदि कोई है तो वो आप है। ' कुछ लोग हैं जो नहीं करेेंगे,लोग तब तक शुरू नहीं करते हैं जब तक " Strong Why " नहीं होता है। लेकिन आप जैसेे लोग हैं। जो इस लॉकडाउन के बाद अपने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में लगे हैं। मैं भी चाहता हूँ आप लोग " Self made " बने अपने, अपने परिवार...

Aaj ka vichar (07/05/2020)

                                     नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन 40 दिन से अधिक दिन हो गया है। कोरोना महामारी चरम पर है। आये दिन यही जानने को मिल रहा है कि आज अब तक के सर्वाधिक कोरोना मामले सामने आए। कोरोना ने हम लोगों को लॉकडाउन के तीसरे स्टेज में जरूर पहुंचा दिया है। लॉकडाउन की वजह से सरकार पर वित्तीय संकट छाया हुआ है। इस संकट से बाहर आना आसान नहीं है। आर्थिक स्थिति को सामान्य होने मे लगभग एक साल लग जायेगा। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और अन्य भत्ते को रोककर थोड़ा बहुत पूरा करने का प्रयास कर रही है। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष संस्थाओं के अनुसार अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट की भविष्यवाणी कर चुकी है। ऐसे में राजनीति, कूटनीति, विदेश नीति और अर्थ नीति, सभी पर कोरोना का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आर्थिक प्रतिबंध, छंटनी, मंदी, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याएं बढ़ेगी। दैहिक दूरी को सामाजिक दूरी शुरू से ही संबोधित किया जाता रहा है तो वाजिब है कि यह सामाजिक दूर...

Aaj ka vichar (06/05/2020)

                                  नमस्कार 👏💐 आज लगभग 40 दिन से अधिक दिन का लॉकडाउन हो गया है। इस लॉकडाउन से पहले किसी ने भी नहीं सोचा था कि स्थिति कुछ इस तरह से होगा जो आज है और न किसी ने लॉकडाउन के बाद के बारे में ही कल्पना की होगी। 300 कम्पनियों के सीईओ के बीच सर्वे से पता चला है कि देश की आर्थिक स्थिति सामान्य होने मे लगभग एक साल लग सकता है। मैं खासतौर से मार्केट रिसर्च (फिल्ड) के हर सदस्य को कुछ बताना चाहता हूँ। यदि आपके पास सोर्स ऑफ इनंकम कई है और आप इस जॉब्स पर निर्भर नहीं है तो आप लोगों पर लॉकडाउन का विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन आप इस जॉब्स पर ही निर्भर है या सोर्स ऑफ इनंकम कई नहीं है,आप सोर्स ऑफ इनंकम चाहते हैं तो लॉकडाउन के बाद की स्थिति पर विचार करने की जरुरत है। क्योंकि कोविड 19 महामारी की वजह से लोग बहुत सी सावधानियां रखेंगे जैसे सोशल डिस्टेंस आदि। लॉकडाउन मे सभी कुछ बंद है। जिसकी वजह से समझना होगा। जब किसी चीज का Incoming - Outgoing हुआ ही नहीं तो फिर Feedback/Reviews कैसे लिया जायेगा...

Aaj ka vichar (05/05/2020)

                                 नमस्कार 👏💐 जनता कफ्र्यू 22/04/2020 से शुरू हुआ। उसके बाद अगले दिन से 3 दिन का लॉकडाउन फिर 19 दिनों का फिर कुछ और दिनों का लॉकडाउन 17/05/2020 तक धीरे- धीरे बढ़ गया। जब यह जनता कफ्र्यू 22/04/2020 एक दिन का लगा था। पूरी दुनिया ने पूरे उत्साह के साथ स्वीकार किया था। तब किसी ने शायद ही सोचा होगा कि ये इतना भयावह हो सकता है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, कारोबार, कृषि और आवागमन सब पूरी तरह से ठप हो जायेगा। उसी तरह से लॉकडाउन  के हटने के बाद देश की क्या स्थिति होगी वो जान पाना थोड़ा अकल्पनीय है जैसे कि लॉकडाउन क्या है और इसमें क्या स्थिति होती है, इसका अंदाजा नहीं था ठीक वैसे ही उसके बाद की स्थिति का भी है। इस लॉकडाउन से देश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर आने मे एक साल लगभग लग सकता है। मैं मानता हूँ लॉकडाउन के पहले का समय कट गया , लॉकडाउन का भी समय जैसे तैसे कट रहा है और आगे का भी कट जायेगा। पर जरा सोचिए आप तो जैसे तैसे काट रहे है। क्या ऐसे ही पूरी जिंदगी अपनी और फैम...

Aaj ka vichar (04/05/2020)

                                    नमस्कार 👏💐 इस महामारी ने दुनिया के ज्यादातर देशों की तरह भारत की अर्थव्यवस्था को जिस तरह से भारी नुकसान पहुंचाया है, उसके कारण मध्य वर्ग और गरीब तबके के करोड़ों परिवारों को लगने लगा है कि जिंदा रहने के लिए ही जब जरूरी खर्चों का इन्तजाम करना भारी पड़ रहा है, तो अन्य चीजों के लिए धन कहां से जुटाएंगे? इस महामारी ने दुनिया की अर्थव्यवस्था, कारोबार, रोजगार, कृषि और आवागमन को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। रोजगार पर आए इस भीषण संकट जो एक सुनामी या भूकंप की तरह है। समाज के अलग-अलग वर्गो पर अलग-अलग तरह से असर पड़ रहा है। संपन्न वर्ग तो इस समस्या का समाना आसानी से कर लेगा मगर समस्या मध्य वर्ग और निम्न वर्ग की है, जिनके पास न ही पर्याप्त आर्थिक साधन है और न ही संपर्क सूत्र। कोविड 19 ने दुनिया के करीब 200 देशों की आर्थिक-सामाजिक व्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। चालीस दिन से अधिक चलने वाले लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को जीवन दान देना जरूरी है और आर्थिक विक...

Aaj ka vichar (03/05/2020)

                                   नमस्कार👏💐 कोरोना संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में लॉकडाउन है। इसके कारण देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गयी है। जिसको देखते हुए कुछ जगहों पर लॉकडाउन मे छूट देने के साथ ही 17 तारीख तक के लिए बढ़ाने की सम्भावना है। इससे अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ पायेगी। क्योंकि संक्रमण न बढ़े। लेकिन इसकी वजह से व्यापार और रोजगार पर अधिक असर दिख रहा है। कोविड 19 महामारी ने दुनिया के विकास को एक स्प्रिंग की मांनिद दबा रखा है। जैसे ही इसका प्रकोप शांत होगा और दुनिया में रोजमर्रा के कामकाज पटरी पर आयेंगे। समय चक्र परिवर्तन शील है।जो आज धूल धूसरित हैं, वही कल पुष्प से सुवासित है। लेकिन लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कहीं न कहीं हम सब की जिम्मेदारी बनती है क्योंकि हम लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी तो देश की भी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। किस तरह से और क्या करके आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकता है। इसके लिए मुझसे संपर्क कर सकते है फिर मिलेंगे।👏💐 अपना स्नेह बनाए रख...

Aaj ka vichar (02/05/2020)

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                                   नमस्कार👏💐 आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन मे है। यह महामारी बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से लॉकडाउन अगले कुछ दिनों के लिए बढ़ने की सम्भावना है। लेकिन इसकी वजह से देश में अर्थव्यवस्था खराब होती जा रही है। देश में आर्थिक मंदी बढ़ती जा रही हैं। 2008 मे मंदी आया था हर 10 साल पर मंदी आता रहता है।ऑलरेडी रेसेशन चल रहा है। लॉकडाउन और आर्थिक मंदी की वजह से लोगों के रोजगार जा रहे है और रोजगार का अवसर भी कम हो रहा है। गुड्स और सर्विसेज का आवागमन बंद हो गया है। बिजनेसमैन के पास पैसे होगें नहीं अपने कर्मचारियों को देने के लिए क्या करोगे आप उसका। मार्केट से नौकरियां हो रहा है तो नौकरी मिलेगा नहीं। अपने देश में इतनी बुरी हालात है कि कम्पनी सैलरी देने से मना कर रही है या कटौती करने वाली है। जिससे लोग कर्जे मे आ जायेंगे और कर्जा कोई देगा नहीं। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से मंदी बहुत तेजी आ गई है। इंसान के पास पैसे होगे ही नहीं देने के लिए कर्जा देना बंद हो जायेगा। क्या आप...

Aaj ka vichar (01/05/2020)

                                     नमस्कार 👏💐 कोविड 19 एक वैश्विक महामारी को लेकर संपूर्ण विश्व इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। जैसा कि इस समय दुनिया के अधिकांश देश कोरोना वायरस महामारी की समस्या से जूझ रहे है। हमारा देश भी इसकी चपेट मे हैं। अधिक समय तक लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही हमारे आसपास के मुहल्ले, गांवों और शहरों में भी घरेलू सामाजिक समस्याओं के बढ़ने के आसार बहुत ज्यादा दिखाई दे रहे है। यह अस्वाभाविक नहीं कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना बन रही है। इसके पीछे कुछ ठोस आधार है और सबसे बड़ा अंदेशा है कि कहीं लॉकडाउन जीविका के साधनों को इतना अधिक पंगु न कर दे कि गरीब तबके के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाए। अर्थव्यवस्था का थमा हुआ पहिया तेजी से गति पकड़े। देश को लॉकडाउन से बाहर निकालना कम चुनौतीपूर्ण नही है। कोरोना संकट के कारण दुनियाभर में असंगठित क्षेत्र के 1.6 अरब श्रमिकों के सामने रोजगार खोने का संकट खड़ा हो गया है। आर आई एल ने कर्मचारियों के वेतन में 10-50 फीसदी तक कटौती की ...