Aaj ka vichar (25/05/2020)
नमस्कार 👏💐
आज कोरोना के रूप में दुनिया के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। इसका समाधान किसी देश के पास नहीं है।
कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन से खपत में कमी और कारोबारी गतिविधियां ठप होने से देश चुनौतियों का सामना कर रही है। मूडीज इन्वेस्टर्स ने कहा कोरोना संकट से पहले भी घरेलू अर्थव्यवस्था की विकास धीमी पड़कर 6 साल के निचले स्तर पर चली गई है।
आपदा किसी पर कभी भी आ सकती है। इसका हमेशा धैर्य, उचित विचार और उपाय से सामना किया जा सकता है। जल्दबाजी से कभी नहीं हो सकता, क्योंकि इसमें चूक होने की आंशका होती है। लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों के सामने जो समस्या पैदा हुई है, वह स्वाभाविक है। क्योंकि वे लोग जहां काम करते थे, वहां काम बंद होने पर वेतन नहीं दिया गया, उलटे बकाया वेतन रोक लिया गया। कोरोना संकट में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए माननीय श्री प्रधानमंत्री जी ने आर्थिक राहत दी, वह निश्चित ही आक्सीजन का काम करेगी। इसमें सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। लोकल से ग्लोबल स्तर पर उत्पादों के पहुंचने से भारत सशक्त बनेगा। मगर आत्मनिर्भरता तभी आयेगी,जब भारत की जनता स्वदेशी उत्पादों को अधिक से अधिक अपनाए और दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करे। इसलिए सरकार के साथ-साथ हमारा भी यह कर्तव्य है कि इस अभियान को बढ़ाने में अपना सहयोग दें।
कैसे और किस तरह से कर सकते हैं। इसके लिए फिर मिलेंगे। 👏💐
अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐
#9005259991
#राजेन्द्रकुमार
आज कोरोना के रूप में दुनिया के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। इसका समाधान किसी देश के पास नहीं है।
कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन से खपत में कमी और कारोबारी गतिविधियां ठप होने से देश चुनौतियों का सामना कर रही है। मूडीज इन्वेस्टर्स ने कहा कोरोना संकट से पहले भी घरेलू अर्थव्यवस्था की विकास धीमी पड़कर 6 साल के निचले स्तर पर चली गई है।
आपदा किसी पर कभी भी आ सकती है। इसका हमेशा धैर्य, उचित विचार और उपाय से सामना किया जा सकता है। जल्दबाजी से कभी नहीं हो सकता, क्योंकि इसमें चूक होने की आंशका होती है। लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों के सामने जो समस्या पैदा हुई है, वह स्वाभाविक है। क्योंकि वे लोग जहां काम करते थे, वहां काम बंद होने पर वेतन नहीं दिया गया, उलटे बकाया वेतन रोक लिया गया। कोरोना संकट में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए माननीय श्री प्रधानमंत्री जी ने आर्थिक राहत दी, वह निश्चित ही आक्सीजन का काम करेगी। इसमें सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। लोकल से ग्लोबल स्तर पर उत्पादों के पहुंचने से भारत सशक्त बनेगा। मगर आत्मनिर्भरता तभी आयेगी,जब भारत की जनता स्वदेशी उत्पादों को अधिक से अधिक अपनाए और दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करे। इसलिए सरकार के साथ-साथ हमारा भी यह कर्तव्य है कि इस अभियान को बढ़ाने में अपना सहयोग दें।
कैसे और किस तरह से कर सकते हैं। इसके लिए फिर मिलेंगे। 👏💐
अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐
#9005259991
#राजेन्द्रकुमार


Comments
Post a Comment