Aaj ka vichar (15/05/2020)
नमस्कार👏💐
कोविड 19 के कारण लॉकडाउन लगभग दो माह होने को है लेकिन अभी भी लॉकडाउन हटने की संभावना कम ही है। कोविड 19 के संकट से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। डब्ल्यू एच ओ की मानें तो कोरोना वायरस शायद कभी खत्म होने वाला नहीं है। एचआईवी की तरह इसका वजूद हमेशा के लिए रह सकता है। कोविड 19 कब तक जायेगा, वैक्सीन कब तक मिलेगा और वैक्सीन कितना प्रभावशाली होगा अभी उसके बारे में बता पाना मुश्किल है। जिस तरह से वर्तमान समय में 100 से अधिक वैक्सीन है लेकिन खसरा जैसी अन्य बीमारियां खत्म नहीं हो सकी। इस महामारी की वजह से चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर एलान किया है। देश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में आत्मनिर्भरता की नई डगर कारगार साबित होगी। देश की आत्मनिर्भरता मे ग्रामीण भारत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार कोविड 19 का भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सबसे कम असर दिखाई देगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के रिपोर्ट में बताया है कि भारत की विकास दर में तेज गिरावट आएगी पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था भारत के लिए सहारा होंगे। कोविड 19 के बीच फिर भारत के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्व दिखाई दे रहा है। देश के सकल घरेलू उत्पाद मे कृषि का योगदान करीब 17 फीसदी है। पर देश के 60 फीसदी लोग खेती पर आश्रित है। कोविड 19 के बीच भारत का मजबूत पक्ष यह है कि देश के सामने 135 करोड़ लोगों की भोजन संबंधी चिंता नहीं है। अधिक लोगों को रोजगार मिल सके इसके लिए सरकार सिंचाई और जल संरक्षण योजनाओं को मनरेगा से जोड़ा जा रहा है। जो मजदूर गांव लौट गए है वे कुछ महीनों तक गावों में ही कृषि कार्य करेंगे। इससे खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की मांग भी बढ़ेगी। लॉकडाउन मे सरकार अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है। हम लोगों को अपने मनःस्थिति को बदलने की जरूरत है। किस तरह से हम लोग आत्मनिर्भरता पर कार्य कर के अपनी फैमिली और देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर कर सकते हैं इसके लिए फिर मिलेंगे।👏💐
अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐
#9005259991
#राजेन्द्रकुमार
कोविड 19 के कारण लॉकडाउन लगभग दो माह होने को है लेकिन अभी भी लॉकडाउन हटने की संभावना कम ही है। कोविड 19 के संकट से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। डब्ल्यू एच ओ की मानें तो कोरोना वायरस शायद कभी खत्म होने वाला नहीं है। एचआईवी की तरह इसका वजूद हमेशा के लिए रह सकता है। कोविड 19 कब तक जायेगा, वैक्सीन कब तक मिलेगा और वैक्सीन कितना प्रभावशाली होगा अभी उसके बारे में बता पाना मुश्किल है। जिस तरह से वर्तमान समय में 100 से अधिक वैक्सीन है लेकिन खसरा जैसी अन्य बीमारियां खत्म नहीं हो सकी। इस महामारी की वजह से चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर एलान किया है। देश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में आत्मनिर्भरता की नई डगर कारगार साबित होगी। देश की आत्मनिर्भरता मे ग्रामीण भारत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार कोविड 19 का भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सबसे कम असर दिखाई देगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के रिपोर्ट में बताया है कि भारत की विकास दर में तेज गिरावट आएगी पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था भारत के लिए सहारा होंगे। कोविड 19 के बीच फिर भारत के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्व दिखाई दे रहा है। देश के सकल घरेलू उत्पाद मे कृषि का योगदान करीब 17 फीसदी है। पर देश के 60 फीसदी लोग खेती पर आश्रित है। कोविड 19 के बीच भारत का मजबूत पक्ष यह है कि देश के सामने 135 करोड़ लोगों की भोजन संबंधी चिंता नहीं है। अधिक लोगों को रोजगार मिल सके इसके लिए सरकार सिंचाई और जल संरक्षण योजनाओं को मनरेगा से जोड़ा जा रहा है। जो मजदूर गांव लौट गए है वे कुछ महीनों तक गावों में ही कृषि कार्य करेंगे। इससे खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की मांग भी बढ़ेगी। लॉकडाउन मे सरकार अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है। हम लोगों को अपने मनःस्थिति को बदलने की जरूरत है। किस तरह से हम लोग आत्मनिर्भरता पर कार्य कर के अपनी फैमिली और देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर कर सकते हैं इसके लिए फिर मिलेंगे।👏💐
अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐
#9005259991
#राजेन्द्रकुमार
Comments
Post a Comment