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Showing posts from 2020

Aaj ka vichar (08/07/2020)

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                                                                        दोस्तों नमस्कार 👏💐, दुनिया भर के लोग इस बात का संकेत देते आ रहे थे कि आने वाले समय में बिज़नेस ऑनलाइन तरीक़ों से की जायेगी। लेकिन आज Corona की वजह से अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और अपराध बढ़ रहे हैं। अब देखिए Corona के कंधो पर सवार होकर आखिर वो समय आ ही गया हमारे सामने। पर यक़ीन मानिये दोस्तो ये Corona वायरस तो सिर्फ एक बहाना है। आप ये ना सोचें कि Corona और Lock-down की वजह से ही ऑनलाइन बिज़नेस को अभी औरो से ज्यादा काम मिल रहा है और जैसे ही ये Lock-down खुला फिर वही offline business आ गया है। लेकिन Corona की मार से अभी तक कोई बाहर नहीं निकल पाया और अगले कुछ माह या ये पूरे साल तक इससे नहीं निकल पाये गा। आप तैयार रहिये एक नई दुनिया मे जीने के लिए, नये नॉर्मल के साथ जीने के लिए, ये Survival की जंग है और जंग में जीत उसी की होती है जो वक़्त की नज...

Aaj ka vichar (22/06/2020)

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                                 * नमस्कार * 👏💐 कोरोना महामारी की वजह से देश की खराब हुई अर्थव्यवस्था को देखते हुए चीन ने अपने अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिये हमारे सैनिकों को मारकर हमारे देश को आर्थिक रूप से  कमजोर करना चाहती। जिससे देश की अर्थव्यवस्था और खराब हो, बेरोजगारी अधिक हो। आज चीन कर रहा है कल कोई और देश करे। इसके पहले हम लोगों को आत्मनिर्भर बनना पडे़गा। ये आग जानी, धरना, जुलूस इस तरह के कार्य करके अपने ही लोगों को परेशान करके और साथ में अपना ही नुकसान करने से फायदा नहीं मिलेगा। हम लोगों को समस्या के समाधान पर काम करने की जरुरत हैं जिससे देश का सुरक्षित विकास हो सकें। इस समस्या को देखते हुए हमने आप लोगों के बीच आत्मनिर्भर के लिए एक बिजनेस शुरू किया है। क्योंकि चीन के साथ हमारे व्यवसायिक रिश्ते कई वर्षों का है। जिसमें हम सभी लोग पूरी तरह घुल गए हैं। इससे मुक्त होने के लिए हम लोगों को आत्मनिर्भर बनना पडे़गा। और कोई विकल्प नहीं है। आज आत्मनिर्भर के लिये व्यवसाय करने पर अधिक रुपये ...

Aaj ka vichar (25/05/2020)

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                                    नमस्कार 👏💐 आज कोरोना के रूप में दुनिया के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। इसका समाधान किसी देश के पास नहीं है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन से खपत में कमी और कारोबारी गतिविधियां ठप होने से देश चुनौतियों का सामना कर रही है। मूडीज इन्वेस्टर्स ने कहा कोरोना संकट से पहले भी घरेलू अर्थव्यवस्था की विकास धीमी पड़कर 6 साल के निचले स्तर पर चली गई है। आपदा किसी पर कभी भी आ सकती है। इसका हमेशा धैर्य, उचित विचार और उपाय से सामना किया जा सकता है। जल्दबाजी से कभी नहीं हो सकता, क्योंकि इसमें चूक होने की आंशका होती है। लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों के सामने जो समस्या पैदा हुई है, वह स्वाभाविक है। क्योंकि वे लोग जहां काम करते थे, वहां काम बंद होने पर वेतन नहीं दिया गया, उलटे बकाया वेतन रोक लिया गया। कोरोना संकट में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए माननीय श्री प्रधानमंत्री जी ने आर्थिक राहत दी, वह निश्चित ही आक्सीजन का काम करेगी। इसमें सरकार ने स...

Aaj ka vichar (18/05/2020)

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                                  नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस से उपजी महामारी कोविड  19 के कारण विश्व में जैसे हालात बने वे असाधारण है। किसी को ऐसे हालात का सामना करने का अनुभव नहीं था। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण जो स्थितियां उत्पन्न हुई हैं वे लम्बें समय तक बनी रहेंगी। हम लोगों को कोविड 19 के साथ जीना सीखना होगा। परिवारों में वर्तमान आर्थिक माहौल का सामना करने की सीमित क्षमता है। ग्रामीण परिवारों की आय पर ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।अगर अर्थव्यवस्था जुलाई तक बंद रही रही तो, बहुत सारे छोटे व्यापारों का भट्टा बैठ जायेगा। अगर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उघमों की बात करें, तो लॉकडाउन का इस क्षेत्र पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जीविका के लिए यह जरूरी है कि व्यापार और अर्थव्यवस्था खुल जाये। कम से कम उन इलाकों में जहां पर कोविड 19 का प्रकोप कम है। काफी लोगों की जीविका दाव पर लगी हुई है और जब तक कोविड 19 का कोई टीका नही आ जाता हम लोगों को इस बीमारी के साथ एहतियात रखने की आदत डालनी पड़ेगी। अगर लोग...

Aaj ka vichar (17/05/2020)

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                                   नमस्कार 👏💐 कोविड 19 की वजह से लगभग 54 दिन का लॉकडाउन पूरा होने को है। लेकिन लॉकडाउन खुलने की कोई सम्भावना नहीं है। बड़े छोटे हर व्यापार को शुरू करने के लिये पैसे की जरूरत होती है। जब व्यापार चलता है, तो इससे जुड़े लोग पैसा कमाते हैं। चाहे कर्मचारी हो या आपूर्ति कर्ता। व्यापार के चलने से सरकार भी पैसा कमाती है। इस पैसे को देश के कल्याण के लिए खर्च करती है। मगर पिछले कुछ हफ्तों में ये पूरी प्रकिया टूट गई है। अभी बड़े और छोटे व्यापार, दोनों बंद पड़े लेकिन अब ऐसी स्थिति आन पड़ी है कि इलाज बीमारी से भी बदतर लग रहा है। मई 10 को बेरोजगारी की दर करीब 24 फीसदी तक पहुंच गयी है। इस समय भारत में औसतन हर चौथा कामगर बेरोजगार है। लॉकडाउन से घरेलू आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एक हालिया अध्ययन मे पाया गया कि लगभग 84 फीसदी भारतीय परिवारों में लॉकडान के बाद आय में कमी आयी है। इसलिए बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए अपने मनःस्थिती को बदलने की जरूरत है। क्या और किस तरह से कर सकत...

Aaj ka vichar (16/05/2020)

                                  नमस्कार 👏💐 तमाम देश अपनी अर्थव्यवस्था को बल देने और कोविड 19 के बाद के युग के लिए तैयार होने के तरीके खोज रहे हैं। कोविड संकट में सबकी सबसे पहली चिंता यही है कि जिंदगी कैसे चलाई जाए? जिंदगी चलाने का सवाल आते ही चिंता शुरू हो जाती है और यह है कमाने, बचाने और पैसे को सही जगह लगाने का हिसाब कैसे जोड़ा जाए? जो लोग कारोबार कर रहे है उनके लिए कारोबार को पटरी पर लाने की चिंता है। जो लोग नौकरी कर रहे हैं उन्हें नौकरी बचाने, तनख्वाह कटने या उसके न बढ़ने की चिंता। जिनको किराया,कर्ज की किस्तें या कोई और भुगतान करना है, उन्हें उसका इंतजाम करने की चिंता। घर का खर्च, बच्चों के स्कूल की फीस, तरह-तरह के बिल और कहीं कोई मुसीबत आ पड़ी, तो ये सारी चिंताए तो है ही। कुछ लोग तो वषों से हिसाब लगा रहे थे, प्लानिंग करके पैसे जोड़ रहे थे और काफी हद तक निश्चित हो चुके थे। कुछ का गणित आज भी काम कर रहा है। और वे चैन की नींद सो रहे है लेकिन आप उनमें शामिल नहीं है और अगर आप अचानक खुद को संकट में पा र...

Aaj ka vichar (15/05/2020)

                                   नमस्कार 👏💐 कोविड 19 के कारण लॉकडाउन लगभग दो माह होने को है लेकिन अभी भी लॉकडाउन हटने की संभावना कम ही है। कोविड 19 के संकट से देश की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है। डब्ल्यू एच ओ की मानें तो कोरोना वायरस शायद कभी खत्म होने वाला नहीं है। एचआईवी की तरह इसका वजूद हमेशा के लिए रह सकता है। कोविड 19 कब तक जायेगा, वैक्सीन कब तक मिलेगा और वैक्सीन कितना प्रभावशाली होगा अभी उसके बारे में बता पाना मुश्किल है। जिस तरह से वर्तमान समय में 100 से अधिक वैक्सीन है लेकिन खसरा जैसी अन्य बीमारियां खत्म नहीं हो सकी। इस महामारी की वजह से चरमराती अर्थव्यवस्था के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर एलान किया है। देश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में आत्मनिर्भरता की नई डगर कारगार साबित होगी। देश की आत्मनिर्भरता मे ग्रामीण भारत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार कोविड 19 का भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सबसे कम असर...

Aaj ka vichar (14/05/2020)

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                              नमस्कार 👏💐 कोविड 19 की वजह से लगभग दो माह लॉकडाउन के होने वाले हैं। देश की आर्थिक स्थिति चरमरा रही है। कोरोना वायरस महामारी कब खत्म होगा। इसको लेकर अभी तक संदेह बना हुआ है। जिसकी वजह से सरकार ने भी लॉकडाउन को न हटा कर कुछ चीजों मे राहत दे दिया है। लेकिन इसके लिए सरकार ने भी लोगों से अनुरोध किया है कि आप लोग आत्मनिर्भर बने। क्योंकि आत्मनिर्भर बनकर ही देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर कर सकते हैं और अपने जैसे कुछ लोगों को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं। कल यदि चीन का कब्जा हो जाये तो उसके जिम्मेदार हम लोग होगे। क्योंकि अग्रेंजो ने भी भारत में व्यापार करके ही देश को गुलाम बनाया था। तब लोग अनपढ़ थे। लेकिन आज समझदार हैं।                       #पहले-लोकल-फिर-वोकल-फिर-ग्लोबल                        9 जिनको अपने काम पर भरोसा होता है               ...

Aaj ka vichar (13/05/2020)

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                                     नमस्कार👏💐 कोविड 19 की वजह से लगभग दो माह से लॉकडाउन बना हुआ है। अभी लॉकडाउन के बढाने की संम्भावना है। कोविड 19 की वजह से लॉकडाउन लोगों के लिए अवसर लेकर आया है। जिसतरह लोगों को लॉकडाउन के पहले इस स्थिति का अंदाजा नहीं था उसी तरह से इस लॉकडाउन के बाद भी क्या होगा लोगों को पता नहीं है। यह परिवर्तन का समय हैं। लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था, रोजगार, कृषि, रहन सहन और शिक्षा सभी कुछ बंद हैं। देश की आर्थिक स्थिति और रोजगार को बेहतर करने के लिए खुद से जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। आप लोग लीडर हो और लीडर को जिम्मेदारी लेनी पड़ती हैं देनी नहीं पड़ती है। देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए हम सभी को एक साथ आना पड़े। देश किसी के लिए कुछ नहीं करता है सरकार और लोगों को देश के लिए करना पड़ता हैं। सरकार भी चाहती हैं आप सभी 'सेल्फ मेड' बने। मैं भी चाहता हूँ आपके सेल्फ मेड बनने मे सहयोग कर सकूं। इसके लिए मनःस्थिति बदले परिस्थिति स्वयं ही बदल जायेगी। तो चलिये आइये आज एक सिंद्धात के ...

Aaj ka vichar (12/05/2020)

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                                   नमस्कार 👏💐 कोविड 19 की वजह से लॉकडाउन है। जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था खराब होती जा रही है। देश में मंदी भी आ रहा है। जिसकी वजह से लोगों के रोजगार, रहन सहन और खानपान की समस्या बढ़ती जा रही है। लेकिन क्या इस समस्या से बाहर लाने का काम केवल सरकार का हैं? जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम लोगों का भी कर्तव्य बनता है कि हम लोग अपने देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए कुछ ऐसा करना चाहिए। आज हम लोगों को अपने दृष्टिकोण और मानसिक विचार मे बदलाव लाने की जरूरत है। "अगर आप किसी को रोटी खिलाते है तो उसका पेट एक दिन के लिए भरेगा.. लेकिन अगर आप किसी को रोटी कमाने का तरीका सिखा देते है.. तो वो जीवन भर अपना पेट भर सकता है..!!" हम लोगों को कुछ इस तरह से काम करने की आवश्यकता है। जिससे हम लोग अपने जैसे कुछ लोगों को सफल बना सकें। कैसे काम करना है किस तरह से काम करना है और क्या सपना लेकर काम करना है । जॉब देने वाला बने । जॉब करने वाला नही। केवल 2 लोगो को सफल बना...

Aaj ka vichar (10/05/2020)

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                                      नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन हो गया है। जिससे अर्थव्यवस्था खराब हो रही है और बेरोजगारी बढ़ा रही है। क्या आप लॉकडाउन के साथ और लॉकडाउन के बाद भी बढ़ती बेरोजगारी को रोकने और अर्थव्यवस्था को बेहतर करना चाहते है। जिंदगी पहले भी,अभी भी और आगे भी जैसे तैसे काट जायेगी। लेकिन क्या आप अपनी फैमिली और देश के लिए कुछ करना नहीं चाहते हैं। एक दिन के लिए जनता कफ्र्यू हुआ था। तब किसी ने भी कल्पना मात्र तक नहीं की थी। कि देश क्या दुनिया मे सब कुछ बंद हो जायेगा। उसी तरह से लॉकडाउन खत्म होने के बाद क्या होगा या किसी तरह की स्थिति होगी।  सीधी सी बात है सभी चीजों के नकारात्मक और सकारात्मक दो पहलू हैं। उसी प्रकार इस लॉकडाउन के भी दो पहलू हैं। कुछ लोग इसके नकारात्मक पहलू के साथ रह रहे हैं और कुछ लोग सकारात्मक पहलू के साथ रह रहे है। आप अपने को किस मे रख रहे हैं। नकारात्मक होने के लिए कई कारण मिल सकते है। लेकिन सकारात्मक रखने के लिए कुछ ही चीज मिलेगा।...

Aaj ka vichar (09/05/2020)

                                      नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस की वजह से एक माह से अधिक समय लॉकडाउन का हो गया है। लेकिन कोरोना खत्म होने का कोई नामों निशान नहीं है। यह कोरोना वायरस कब खत्म होगा। इसको लेकर सभी लोगों मे कंफ्यूजन हैं। इस महामारी की वजह से लॉकडाउन आगे बढ़ने की सम्भावना आधिक हैं।  रोजगार, कृषि, उत्पादन क्षेत्र और टूरिज्म सभी क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था खराब हो गया है। मंदी का बदल मण्डरा रहा है। लेकिन इस कोरोना वायरस महामारी से हटकर लोगों को सोचना होगा। क्योंकि कोरोना महामारी के बारे में सोचकर आप कुछ नहीं कर सकतेहै। इसलिए लोगों को अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी पर ध्यान देना चाहिए। लोगों द्वारा उठाया गया एक एक कदम बहुत आगे ले जा सकता है। इस लॉकडाउन को लोग दो तरह से जी रहे हैं। एक वो लोग हैं जो मौज मस्ती के साथ दिन बिता रहे है। क्योंकि उनको लगता है यह लॉकडाउन उनके अकेले के लिए नहीं है, सभी लोगों के लिए है। और दूसरे वे आप जैसे लोग है जो इस लॉकडाउन में भी अपने को बेहतर करने में लगे ह...

Aaj ka vichar (08/05/2020)

                                 नमस्कार👏💐 कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन 22/04/2020 से जनता कफ्र्यू से शुरू हुआ जो अभी 17/05/2020 तक चलेगा और अभी कितने दिनों तक रहेगा पता नहीं क्योंकि कोविड 19 महामारी को लेकर संदेह बना हुआ है। इस लॉकडाउन की वजह से देश की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। इससे मंदी,बेरोजगारी और गरीबी बढ़ती जा रही हैं। जिसतरह से लॉकडाउन के पहले इस स्थिति का अंदेशा किसी को नहींं था,वैसे ही लॉकडाउन के बाद किसी तरह की स्थिति होगी इसका अंदेशा भी किसी को नहीं है। इसलिये लोगों को आचार व्यवहार के साथ अपनी बदली हुई मानसिकता से विचार करना की जरुरत है। 'आपको आगेे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है यदि कोई है तो वो आप है। ' कुछ लोग हैं जो नहीं करेेंगे,लोग तब तक शुरू नहीं करते हैं जब तक " Strong Why " नहीं होता है। लेकिन आप जैसेे लोग हैं। जो इस लॉकडाउन के बाद अपने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में लगे हैं। मैं भी चाहता हूँ आप लोग " Self made " बने अपने, अपने परिवार...

Aaj ka vichar (07/05/2020)

                                     नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन 40 दिन से अधिक दिन हो गया है। कोरोना महामारी चरम पर है। आये दिन यही जानने को मिल रहा है कि आज अब तक के सर्वाधिक कोरोना मामले सामने आए। कोरोना ने हम लोगों को लॉकडाउन के तीसरे स्टेज में जरूर पहुंचा दिया है। लॉकडाउन की वजह से सरकार पर वित्तीय संकट छाया हुआ है। इस संकट से बाहर आना आसान नहीं है। आर्थिक स्थिति को सामान्य होने मे लगभग एक साल लग जायेगा। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और अन्य भत्ते को रोककर थोड़ा बहुत पूरा करने का प्रयास कर रही है। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष संस्थाओं के अनुसार अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट की भविष्यवाणी कर चुकी है। ऐसे में राजनीति, कूटनीति, विदेश नीति और अर्थ नीति, सभी पर कोरोना का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आर्थिक प्रतिबंध, छंटनी, मंदी, बेरोजगारी और गरीबी जैसी समस्याएं बढ़ेगी। दैहिक दूरी को सामाजिक दूरी शुरू से ही संबोधित किया जाता रहा है तो वाजिब है कि यह सामाजिक दूर...

Aaj ka vichar (06/05/2020)

                                  नमस्कार 👏💐 आज लगभग 40 दिन से अधिक दिन का लॉकडाउन हो गया है। इस लॉकडाउन से पहले किसी ने भी नहीं सोचा था कि स्थिति कुछ इस तरह से होगा जो आज है और न किसी ने लॉकडाउन के बाद के बारे में ही कल्पना की होगी। 300 कम्पनियों के सीईओ के बीच सर्वे से पता चला है कि देश की आर्थिक स्थिति सामान्य होने मे लगभग एक साल लग सकता है। मैं खासतौर से मार्केट रिसर्च (फिल्ड) के हर सदस्य को कुछ बताना चाहता हूँ। यदि आपके पास सोर्स ऑफ इनंकम कई है और आप इस जॉब्स पर निर्भर नहीं है तो आप लोगों पर लॉकडाउन का विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन आप इस जॉब्स पर ही निर्भर है या सोर्स ऑफ इनंकम कई नहीं है,आप सोर्स ऑफ इनंकम चाहते हैं तो लॉकडाउन के बाद की स्थिति पर विचार करने की जरुरत है। क्योंकि कोविड 19 महामारी की वजह से लोग बहुत सी सावधानियां रखेंगे जैसे सोशल डिस्टेंस आदि। लॉकडाउन मे सभी कुछ बंद है। जिसकी वजह से समझना होगा। जब किसी चीज का Incoming - Outgoing हुआ ही नहीं तो फिर Feedback/Reviews कैसे लिया जायेगा...

Aaj ka vichar (05/05/2020)

                                 नमस्कार 👏💐 जनता कफ्र्यू 22/04/2020 से शुरू हुआ। उसके बाद अगले दिन से 3 दिन का लॉकडाउन फिर 19 दिनों का फिर कुछ और दिनों का लॉकडाउन 17/05/2020 तक धीरे- धीरे बढ़ गया। जब यह जनता कफ्र्यू 22/04/2020 एक दिन का लगा था। पूरी दुनिया ने पूरे उत्साह के साथ स्वीकार किया था। तब किसी ने शायद ही सोचा होगा कि ये इतना भयावह हो सकता है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, कारोबार, कृषि और आवागमन सब पूरी तरह से ठप हो जायेगा। उसी तरह से लॉकडाउन  के हटने के बाद देश की क्या स्थिति होगी वो जान पाना थोड़ा अकल्पनीय है जैसे कि लॉकडाउन क्या है और इसमें क्या स्थिति होती है, इसका अंदाजा नहीं था ठीक वैसे ही उसके बाद की स्थिति का भी है। इस लॉकडाउन से देश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर आने मे एक साल लगभग लग सकता है। मैं मानता हूँ लॉकडाउन के पहले का समय कट गया , लॉकडाउन का भी समय जैसे तैसे कट रहा है और आगे का भी कट जायेगा। पर जरा सोचिए आप तो जैसे तैसे काट रहे है। क्या ऐसे ही पूरी जिंदगी अपनी और फैम...

Aaj ka vichar (04/05/2020)

                                    नमस्कार 👏💐 इस महामारी ने दुनिया के ज्यादातर देशों की तरह भारत की अर्थव्यवस्था को जिस तरह से भारी नुकसान पहुंचाया है, उसके कारण मध्य वर्ग और गरीब तबके के करोड़ों परिवारों को लगने लगा है कि जिंदा रहने के लिए ही जब जरूरी खर्चों का इन्तजाम करना भारी पड़ रहा है, तो अन्य चीजों के लिए धन कहां से जुटाएंगे? इस महामारी ने दुनिया की अर्थव्यवस्था, कारोबार, रोजगार, कृषि और आवागमन को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। रोजगार पर आए इस भीषण संकट जो एक सुनामी या भूकंप की तरह है। समाज के अलग-अलग वर्गो पर अलग-अलग तरह से असर पड़ रहा है। संपन्न वर्ग तो इस समस्या का समाना आसानी से कर लेगा मगर समस्या मध्य वर्ग और निम्न वर्ग की है, जिनके पास न ही पर्याप्त आर्थिक साधन है और न ही संपर्क सूत्र। कोविड 19 ने दुनिया के करीब 200 देशों की आर्थिक-सामाजिक व्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। चालीस दिन से अधिक चलने वाले लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को जीवन दान देना जरूरी है और आर्थिक विक...

Aaj ka vichar (03/05/2020)

                                   नमस्कार👏💐 कोरोना संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में लॉकडाउन है। इसके कारण देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गयी है। जिसको देखते हुए कुछ जगहों पर लॉकडाउन मे छूट देने के साथ ही 17 तारीख तक के लिए बढ़ाने की सम्भावना है। इससे अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ पायेगी। क्योंकि संक्रमण न बढ़े। लेकिन इसकी वजह से व्यापार और रोजगार पर अधिक असर दिख रहा है। कोविड 19 महामारी ने दुनिया के विकास को एक स्प्रिंग की मांनिद दबा रखा है। जैसे ही इसका प्रकोप शांत होगा और दुनिया में रोजमर्रा के कामकाज पटरी पर आयेंगे। समय चक्र परिवर्तन शील है।जो आज धूल धूसरित हैं, वही कल पुष्प से सुवासित है। लेकिन लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कहीं न कहीं हम सब की जिम्मेदारी बनती है क्योंकि हम लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी तो देश की भी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। किस तरह से और क्या करके आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकता है। इसके लिए मुझसे संपर्क कर सकते है फिर मिलेंगे।👏💐 अपना स्नेह बनाए रख...

Aaj ka vichar (02/05/2020)

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                                   नमस्कार👏💐 आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन मे है। यह महामारी बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से लॉकडाउन अगले कुछ दिनों के लिए बढ़ने की सम्भावना है। लेकिन इसकी वजह से देश में अर्थव्यवस्था खराब होती जा रही है। देश में आर्थिक मंदी बढ़ती जा रही हैं। 2008 मे मंदी आया था हर 10 साल पर मंदी आता रहता है।ऑलरेडी रेसेशन चल रहा है। लॉकडाउन और आर्थिक मंदी की वजह से लोगों के रोजगार जा रहे है और रोजगार का अवसर भी कम हो रहा है। गुड्स और सर्विसेज का आवागमन बंद हो गया है। बिजनेसमैन के पास पैसे होगें नहीं अपने कर्मचारियों को देने के लिए क्या करोगे आप उसका। मार्केट से नौकरियां हो रहा है तो नौकरी मिलेगा नहीं। अपने देश में इतनी बुरी हालात है कि कम्पनी सैलरी देने से मना कर रही है या कटौती करने वाली है। जिससे लोग कर्जे मे आ जायेंगे और कर्जा कोई देगा नहीं। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से मंदी बहुत तेजी आ गई है। इंसान के पास पैसे होगे ही नहीं देने के लिए कर्जा देना बंद हो जायेगा। क्या आप...

Aaj ka vichar (01/05/2020)

                                     नमस्कार 👏💐 कोविड 19 एक वैश्विक महामारी को लेकर संपूर्ण विश्व इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। जैसा कि इस समय दुनिया के अधिकांश देश कोरोना वायरस महामारी की समस्या से जूझ रहे है। हमारा देश भी इसकी चपेट मे हैं। अधिक समय तक लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही हमारे आसपास के मुहल्ले, गांवों और शहरों में भी घरेलू सामाजिक समस्याओं के बढ़ने के आसार बहुत ज्यादा दिखाई दे रहे है। यह अस्वाभाविक नहीं कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना बन रही है। इसके पीछे कुछ ठोस आधार है और सबसे बड़ा अंदेशा है कि कहीं लॉकडाउन जीविका के साधनों को इतना अधिक पंगु न कर दे कि गरीब तबके के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाए। अर्थव्यवस्था का थमा हुआ पहिया तेजी से गति पकड़े। देश को लॉकडाउन से बाहर निकालना कम चुनौतीपूर्ण नही है। कोरोना संकट के कारण दुनियाभर में असंगठित क्षेत्र के 1.6 अरब श्रमिकों के सामने रोजगार खोने का संकट खड़ा हो गया है। आर आई एल ने कर्मचारियों के वेतन में 10-50 फीसदी तक कटौती की ...

Aaj ki vichar (30/04/2020)

                                    नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया भर में लॉकडाउन है। भारतीय अर्थव्यवस्था की दर पहले ही कम थी। अब महामारी की वजह से यह विकास दर और कम होती जा रही है जो चिंता का विषय है। अर्थव्यवस्था से बेरोजगारी, भुखमरी, पर्यटन, व्यापार क्षेत्र तथा अन्य क्षेत्र प्रभावित हुए है। अगले कुछ समय में इन क्षेत्रों को पटरी पर लाना होगा। लॉकडाउन की वजह रोजगार दूसरी महामारी के रूप में बांहें प्रसार रही है। इस लॉकडाउन की वजह से लोग घर पर है जिससे घरों में आपसी नोकझोंक बढ़ रहा है। इस मुश्किल स्थिति की भायवहता सबको समझनी चाहिए।यह समय हिंसा का नहीं बल्कि सकारात्मक सोच के साथ आगे  बढ़ने चाहिए। यह समय एक दूसरे को भावनात्मक सहारा देने का है और आर्थिक समस्या के लिए मिल दूर करने की जरूरत है। किस तरह और क्या कार्य कर सकते है। इसके लिए फिर मिलेंगे।👏💐 अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।।👏💐 #9005259991 #राजेन्द्र कुमार

Aaj ka vichar (29/04/2020)

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                                      नमस्कार 👏💐 कोरोना संकट की वजह से दुनिया में अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने की चुनौती बढ़ती दिखाई दे रही है। इस लॉकडाउन से लोगों का जनजीवन बहुत अधिक प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से जीवन में एक ठहराव महसूस हो रहा है। इस दुनिया में तीन वर्ग के लोग हैं - उच्च, मध्य और निम्न वर्ग। इस समय लॉकडाउन से मध्य वर्ग के लोग अधिक प्रभावित हुए है। यह लॉकडाउन आगे बढ़ने की सम्भावना अधिक है। इसकी वजह से सभी क्षेत्र पूरी तरह प्रभावित है। लोगों की नौकरी जाने का और व्यवसाय ठप होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस लॉकडाउन से हम लोग बहुत पीछे चले गए है। लेकिन हर मुश्किल घड़ी के बाद कुछ अच्छे लम्हे भी आते है। मुश्किल हालात मे भी आगे बढ़ना है। अपनी हर गलती और असफलता की तरह इस बार भी एक नये जोश, हौसले और नये विचार के साथ पलटवार करना है। अपने सपनों को हर हाल में जिंदा रखना है। बेशर्ते हमें नये विचारों के साथ अपनी सोच को दिशा देने की जरुरत है। वह कौन से विचार है? क्या और कैसे दिशा दे सकते है। इसके...

Aaj ka vichar (28/04/2020)

                                      नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया भर में लॉकडाउन है। जिसके चलते हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में अनेक मुख्यमंत्रियों से बात की जिसमें 3 मई के बाद लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के सुझाव दिया है,साथ में आर्थिक गतिविधियों मे छूट देने का सुझाव दिया है। लॉकडाउन के पहले चरण में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप रही। इस लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था खराब हो चुका है। लोगों को अपने करियर को लेकर काफी चिंता है। चूंकि स्वास्थ्य का मामला है इसलिए राज्य का सारा तंत्र महामारी से निपटने में लगा है। जिससे आर्थिक दबाव भी बढ़ा रहा है। ऐसे में लॉकडाउन और आर्थिक गतिविधियों जिसमें करोड़ों लोगों की आजीविका भी जुड़ी हुई के बीच सन्तुलन कायम रखना भी है। नास्त्रेदमस जैसे भविष्यवक्ताओं ने दुनिया में यदा कदा महामारियों के प्रकोप का जिक्र किया है। कोविड 19 हमारे वर्तमान की सबसे बड़ी त्रासदी है। लेकिन यह बात तो तय है कि आगे का जीवन पहले जैसा नहीं होगा...

Aaj ka vichar (27/04/2020)

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                                     नमस्कार👏💐 कोरोना से दुनियाभर मेंं लॉकडाउन होने से अर्थव्यवस्था की हालत बेहद खराब हो चुकी है। वैश्विक महामारी कोविड 19 से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पहुंची चोट का आंकलन तो हालात सामान्य होने के बाद हो सकेगा। देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आसान नहीं होगा। लॉकडाउन की वजह सभी लोग अपने करियर को लेकर बहुत चिंता है। हमारे देश में युवा सबसे अधिक है जो अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में सबसे अधिक सहयोग कर सकते है। बल्कि आज हम सभी लोगों को देश की अर्थव्यवस्था के बारे में सोचने की जरुरत है। लेकिन इससे पहले खुद की अर्थव्यवस्था को सही करना पड़ेगा तभी देश की अर्थव्यवस्था अच्छी होगी। इसके लिए अपने को मानसिक रूप से तैयार करके अपने आचार विचार, व्यवहार के साथ कार्य में बदलाव की जरुरत है। क्योंकि आज भी इस लॉकडाउन मे हम सभी लोग अपनी रोजमर्रा की जरुरतों पर खर्चा कर रहे थे, कर रहे है और आगे भी करते रहेंगे। इसलिये विचार करने की जरुरत है कि किस तरह से और कैसे अपने कार्यों में बदलाव ...

Aaj ka vichar (26/04/2020)

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                                नमस्कार 👏💐 कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया भर में लॉकडाउन है। कोरोना वायरस के साथ एक दूसरी महामारी भी हमारी दहलीज पर दस्तक दे चुकी है - यह महामारी अर्थव्यवस्था के रूप में है। हम केवल एक महामारी का सामना नहीं कर रहे हैं बल्कि मानवीय त्रासदी का भी मुकाबला कर रहे हैं। देश के लिए खतरा सबसे अधिक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया सबसे गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रही है। कोविड19 गरीब लोगों को कितना नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बारे मे कुछ कहें पाना आसान नहीं है। कोरोना की वजह से देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है। जिससे लगभग करोड़ो नागरिक रोजगार गंवा देगें। उन लाखों लोगों के लिए बहुत घातक है जिनका जीवन पहले ही जैसे तैसे चल रहा था। जो मजदूरी करके अपना पेट भर रहे थे। देश बहुत पीछे चला जायेगा। बदलाव प्रकृति का नियम है, जो प्रकृति का नियम होता है वो बेहतर होता है। कोरोना के साथ अपने आचार विचार, व्यवहार के साथ कार्य में बदलाव करने की जरुरत है। इस समय हम सबके लिए यह बड़ा म...

Aaj ka vichar (25/04/2020)

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                                         नमस्कार👏💐 कोरोना महामारी के पहले ही देश मे अर्थव्यवस्था की जो हालत थी वह लॉकडाउन के इस एक महीने मे और ज्यादा खराब हो गई है। अर्थव्यवस्था फिलहाल वेंटिलेटर पर है। हमारी अर्थव्यवस्था तभी गतिशील रहेगी जब देश में मांग की स्थिति बनी रहेगी और उत्पादन होता रहेगा। लॉकडाउन करना सरकार की एक अच्छी सोच है। हमारे देश में लगभग 90 फीसदी कामगार असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं। जो रोज कमाते और खाते हैं। देश में सभी तरह के उत्पादन रूके हुए है। लगभग 25 फीसदी अर्थव्यवस्था काम कर रही है। यह इतना नहीं है जो आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकें। विश्लेषकों की माने तो इस लॉकडाउन को कम से कम 10 हफ्ते तक बनाए रखने के पक्ष में है। ऐसे में देश में नये रोजगार के अवसर पैदा नहीं होगें। एक ऐसा वक्त आ सकता है जो आपातकाल की स्थिति होगी। लॉकडाउन से व्यापार पर खूब नकारात्मक असर पड़ रहा है। खासतौर से छोटी पूंजी वाले लोग जिनके पास जो थोड़ी बहुत बचत थी वह अब खत्म हो रही होगी। लोगों को बदली...

Aaj ka vichar (24/04/2020)

                                      नमस्कार 👏💐 भारत ने कोरोना से बचने के लिए बहुत ही कारगर तरीका अपनाया लॉकडाउन। मगर जैसा कि हर चीज के दो पहलू होते हैं, लॉकडाउन के भी फायदे और नुकसान, दोनों हैं। दुनिया में प्रलयंकारी महामारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कोरोना वायरस जनित महामारी ने मानवता को हिलाकर रख दिया है। कोरोना के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है। लॉकडाउन से दिहाड़ी वर्गों को काफी ज्यादा नुकसान हो रहा है। उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वे जमा करके रख सकें। मनुष्य को विचार करने पर विवश कर दिया है कि आखिर उसकी विकास यात्रा कितनी सरल है। इस महामारी ने व्यापार-व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है। आज भविष्य को लेकर विचार करना पड़ेगा। जीवन को नये ढ़ंग से जीने का दौर है। सरकार भी लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ाने के साथ ही किसी तरह सुचारूरूप से अर्थव्यवस्था ठीक रहे और इकोनॉमी ग्रोथ कर सके लॉकडाउन खुलने के बाद तभी से विचार करने लगी थी। लेकिन साथ में हमें भी विचार करने की जरुरत है। यह...

Aaj ka vichar (23/04/2020)

                                      नमस्कार 👏💐 हमारा देश कोविड-19 से लगातार युद्ध कर रहा है। पूरे देश में लॉकडाउन होने के कारण ज्यादातर लोगों की आय के साधन लगभग खत्म हो रहे हैं। मानव इतिहास में आने वाली आपदाएं रोचक घटनाओं के लिए याद की जाती है। अगर ये बर्बादियों को लाती है तो समाज आईना बनकर भी आती हैं। कोरोना के कारण यह जो समय हमें मिला है,यह ईश्वर की हमें कृपा प्राप्त हुई है कि व्यस्तता के कारण अभी तक जो काम नहीं कर पा रहे थे,उन्हें अब आराम से बैठकर पूरे कर सकें। जिंदगी में जो मौका मिले, पकड़ लो, छोड़ो मत। वैसे तो यह दुखद है, संकट है लेकिन घर में बैठकर मच्छर मारने से बेहतर है कि कुछ ऐसा किया जाये जिससे अपने को बेहतर बनाके अपने लोगों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकें। यह काम क्या है और कैसे कर सकते हैं। इसके लिए मुझसे संपर्क कर सकते हैं। फिर मिलेंगे।👏💐 अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐 #9005259991 #राजेन्द्र कुमार #मि.अजय शर्मा सर टीम

Aaj ka vichar (22/04/2020)

                                    नमस्कार 👏💐 कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन है। देश की आर्थिक खराब हो रही है। अब आपको सोचने की जरुरत है कि क्या आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी है या आर्थिक रूप से स्वतंत्रता है। ये जानने की जरुरत है कि आर्थिक स्वतंत्रता से मतलब क्या है। पहला जो आप आज कमा रहे है या कमा रहे थे यदि ये कमाई अगले 6 माह बंद हो जाये तो क्या आपका परिवार वहीं जीवन जी पायेगा जो आज या कल तक जी रहे थे। तो आप ठीक ठाक स्थिति में है। दूसरा यदि ये कमाई किसी वजह से अगले 1 साल बंद हो जाये तो क्या आपका परिवार वहीं जीवन जी पायेगा जो आज या कल तक जी रहे थे। तो आप अच्छी स्थिति में है। तीसरा यदि ये कमाई अगले 3 साल के लिए किसी वजह से बंद हो जाये तो क्या आपका परिवार वहीं जीवन जी पायेगा जो आज या कल तक जी रहे थे। तो आप बहुत अच्छी स्थिति में है। इन सब के बजूद क्या आप और आपका परिवार आर्थिक रूप से स्वतंत्र है। इस विषय पर आपको आकलन करने की जरुरत है। कि किसी तरह से आर्थिक रूप से स्वतंत्र होकर अपने लोगों और देश की ...

Aaj ka vichar (21/04/2020)

                                     नमस्कार 👏💐 विश्व व्यापी महामारी कोविड19 के कारण संपूर्ण देश में लॉकडाउन हैं। असल में, मध्य और निम्न वर्ग के बीच एक वर्ग ऐसा भी है,जिसकी हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। निम्न मध्य वर्ग अपनी कमाई से दैनिक जरूरतें तो पूरा कर लेता है लेकिन कुछ बचा नहीं पाता। इस वर्ग के लोगों के पास इतनी भी पूंजी होती कि पूरा परिवार घर बैठ कर महीनों तक गुजारा कर सके। सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात है कि जहाँ ये लोग काम करते हैं, वहां से भी उन्हें आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। ऐसे में आपराधिक घटनाएं बढ़ सकती है। इसलिये यदि आप अपने को आर्थिक रूप से बड़ा करना है और लोगों की मदद करना है तो बिजनेस करें।आज देश की अर्थव्यवस्था खराब हो रही है।मंदी आ गई है। रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। बिजनेस करके आप अर्थव्यवस्था में सहयोग कर सकते है और लोगों को रोजगार दे सकते है।अपनी सोच को बड़ा करना पड़ेगा कहते है - * "छोटी सोच पैर की मोच" * जितने भी अमीर लोग हैं और हमारे माननीय प्रधानमंत्र...

Aaj ka vichar (20/04/2020)

                                        नमस्कार  👏💐 इस समय दुनिया कोरोना संकट के कारण त्राहिमाम कर रही है। मानव स्वास्थ्य से बुरी तरह प्रभावित होने के साथ ही आम जनजीवन मे भी ठहराव आ गया है। आर्थिक गतिविधियों पर भी मार पड़ रहा है। कोरोना से आया  महामारी का प्रकोप कब खत्म होगा साफ साफ कुछ नहीं कहा जा सकता है लेकिन इस की वजह से हमारी आदतों ,रहन सहन और कामकाज के तौर तरीकों में बदलाव आये गा। यदि अतंरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुसार इस संकट से दुनिया भर के देशों मे उनकी अर्थव्यवस्थाओं, उघोग और रोजगारों पर बहुत भयावह असर पड़ने जा रहा है।  विश्व व्यापार संगठन के अनुसार अतंरराष्ट्रीय व्यापार इस साल 13% से 32% तक रहा सकता है। विश्व बैंक के अनुसार जीडीपी 2.1% से 3.9% तक गिरावट हो सकती है। आइएलओ ने कहा है कि 19.5 करोड़ लोगों की छंटनी की आशंका है। पूरे साल मे यह आंकडा बड़ा हो सकता है। भारत में 90% कामकाजी आबादी असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है। इस कारण लगभग 40 करोड़ लोगों पर रोजगार का संकट का...

Aaj ka vichar (19/04/2020)

                                      नमस्कार 👏💐 कोविड19 महामारी की वजह से लॉकडाउन हैं। समझिए इस समय क्या स्थिति है लोग क्या कह रहे है। लोग बोल रहे है कि जो हो रहा है सबके साथ हो रहा है मैं कौन सा अलग हूँ। बिजनेस नहीं चल रहा है तो सबका नहीं चल रहा है। सैलरी नहीं आ रही है तो सबकी नहीं आ रही है। नौकरियां जा रही है तो सबकी जा रही है मैं कौन सा अलग हूँ। इस वक्त पूरी दुनिया एक ग्लोबल संकट फेस कर रही है। जब भी संकट आती है या चुनौतियां आती है तो उसमें अवसर छुपा होता है लेकिन ये दिखता भी उसी को है जो अवसर खोजता है। अधितर लोग टीवी पर, वेब सीरिज पर समय खराब कर रहे है। पर कुछ लोग हैं आपकी तरह जो जिज्ञासु हैं कि मैं कुछ ऐसा करूं जिससे मैं अपना व्यवसाय शुरू कर सके और एक्सट्रा इनकम कर पाऊँ। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से व्यवसाय बंद पड़े हैं और रोजगार जा रहेे हैं। अब सवाल है आप कैसेे और किस तरह से क्या कर सकते हैं। इसके लिए फिर मिलेंगे।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐 #9...

Aaj ka vichar (18/04/2020)

                                      नमस्कार👏💐 कोविड19 महामारी की वजह से इस समय लोगों को अपना जीवन अस्त व्यस्त लग रहा हैं। क्योंकि लॉकडाउन के बाद किस तरह से रोजगार या व्यवसाय चलेगा। इस लॉकडाउन की वजह से सबसे बड़ी मंदी का दौर आने वाला है। जिससे रोजगार मे कमी आयेगी।लोग कर्जा देगें नहीं क्योंकि उसको पता है कि रोजगार नहीं है या मिल नहीं रहा है तो कर्जा कहाँ से चुकाये गा इसलिये कर्जा मिलेगा नहीं। तो लोग करेंगे क्या। सच मे आप भी जाना चाहते है। क्या आप भी अपने लोगों की मदद करके देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहते है। क्या देश की इकोनॉमी को बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहते है। तो आप मुझे से सम्पर्क करें और यदि नहीं भी तो भी सम्पर्क करें ये सब आप और आपके परिवार के लिए भी महत्वपूर्ण है। मैं आप लोगों को एक बात याद दिलाता हूँ जब हम लोग ऐसी जगह से निकलते हैं जहाँ कभी जंगल था या जंगल जैसा था लेकिन अब वहाँ आज शानदार मकानें या कालोनियां दिखाई देती है। लेकिन अब क्यो क्या और कैसे करे। इसके लिए फिर मिले...

Aaj ka vichar (17/04/2020)

                                   नमस्कार👏💐 कोविड19 महामारी के कारण लॉकडाउन होने से सभी कुछ बंद हैं। जिससे लोग घर मे सीख रहे हैं और मनोरंजन भी कर रहे हैं। मैं नहीं कह रहा कि आप मनोरंजन ना करें लेकिन मैं एक बहुत जरुरी बात बताने जा रहा हूँ। लॉकडाउन के बाद स्थिति क्या होगा। लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर बहुत ज्यादा असर पड़ने का अनुमान है। मैं आपको डरा नहीं रहा हूँ। सिर्फ बताने का प्रयास मात्र है। कि अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार भारत का विकास दर गिर कर 1.9 रहने की आशंका है। मंदी आने वाली हैं। 1930 की महामंदी के बाद का सबसे बड़ा संकट हैं। बार्कलेज का अनुमान है कि दिसंबर तक भारत की विकास दर शायद शून्य हो। 1930 की महामंदी के बारे में आप गुगल से पता कर सकते हैं लेकिन महामारी की वजह से मंदी अधिक आने की अधिक सम्भावना हैं। क्योंकि यह महामारी कब खत्म होगा इसको लेकर अभी भी कन्फ्यूजन बना हुआ है। मैं आप से क्यों कह रहा हूँ। क्योंकि महामारी से निजात मिलता अभी दिख नहीं रहा है। लॉकडाउन बढ़ भी सकता है और नहीं भ...

Aaj ka vichar (16/04/2020)

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                                    नमस्कार 👏💐 कोविड19 महामारी के कारण लॉकडाउन होने से सभी जगह बंद हैं। सभी लोग घर से कहीं जा नहीं सकते। अब अधिकतर लोगों को अपने घर मे ही रहने की आदत हो गई होगी है। जिसकी वजह से लोग अब अपने घर मे अलग अलग तरह के चीजों को सीख रहे हैं वो चाहे खाना बनाना हो इत्यादि। लेकिन इस समय जरूरी हैं रोजगार या व्यवसाय के बारे में विचार करने की जरूरत है। क्यों जरूरी हैं। इस समय देश की अर्थव्यवस्था खराब हो रही हैं। इकोनॉमी गिर रहा है। हम सब को मिलकर अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है। इसके लिए हम लोगों को एक साथ मिलकर एक दूसरे का सहयोग करने की जरुरत है। पहले हमें अपनी स्थिति बेहतर करनी पड़ेगी तभी देश की अर्थव्यवस्था अच्छी हो सकती हैं। आज के समय मे आपका चाहे 1 इनकम हो या 2-3 इनकम सभी दिक्कत मे हैं, आ चुके हैं या आगे आएं गे। लेकिन एक बात सच है वो क्या। लगभग सभी को अतिरिक्त इनकम की आवश्यकता होती है चाहे कहें या ना कहें। लेकिन इस अतिरिक्त इनकम को हम लोग कैसे कमा सकते हैं और क्या करके ज...

Aaj ka vichar (15/03/2020)

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                                        नमस्कार👏💐 कोविड19 महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन हो गया है। जिसकी वजह से  लोगों का कामकाज बंद होगा हैं जिससे बहुत से लोगों की नौकरी जाने वाली है। यहां तक कुछ कम्पनियों ने जहां तक कर्मचारियों से कहें दिया है कि आप लोगों को आधे या कुछ माह तक बिना सैलरी के काम करना है। अब इनकम बढ़ाना तो दूर की बात लोगों को अपनी नौकरी या व्यवसाय को ही आगे ले जाने मे दिक्कतें महसूस हो रही हैं। इससे पता चलता है कि लगभग 40 दिन के लॉकडाउन से हम लोग कितने समय के लिए पीछे चलें गए हैं और इससे यह भी पता चलता है कि हम लोग पहले भी आर्थिक रूप से मजबूत नहीं थे। किसी ने ठीक ही बताया है  - 1>0 1 बहुत खतरनाक नम्बर हैं। इसलिये सही कहा गया है कि सोर्स आफ इनकम एक नहीं होना चाहिये। वैसे भी जो गरीब हैं वे रोज कमाते खाते थे आगे भी वैसे ही करेंगे। जो अमीर हैं वे अमीरी की तरह काम करेगें लेकिन इस लॉकडाउन से सबसे ज्यादा नुकसान माध्यम वर्ग का होना है। क्यों ये आप अच्छे से स...

Aaj ka vichar (14/04/2020)

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                                     नमस्कार👏💐 कोविड19 महामारी विकराल रूप धारण ना करें इसकी वजह से 3 मई तक के लिए लॉकडाउन हो गया है। जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था और भी खराब होगा। अब ये 19 दिन हैं किसी तरह से हम अपने को तैयार करके इकोनॉमी मे ग्रोथ कर सकते हैं इस पर विचार करने की जरुरत है। क्योंकि किसी तरह का इधर उधर का कमेंट्स करने से कुछ नहीं होगा। यदि आज तक एक इनकम या थोड़ी बचत करते रहे हैं या फिर विल्कुल भी बचत नहीं की हैं तो आपको अभी से ध्यान देने की जरुरत है। एक बार विचार करके देखें कि इस लॉकडाउन की वजह से आपकी स्थिति क्या है। जब लॉकडाउन खुलेगा तब क्या होगी और उसके कुछ समय के बाद क्या होगी स्थिति। पूरे लगभग 40 दिन के लॉकडाउन से आप और आपका परिवार कितना पीछे चला गया हो गा।  *बड़े-बड़े जानकारों का भी कहना है कि कभी भी एक ही सोर्स ऑफ इनकम पर निर्भर नहीं होना चाहिए।* क्या और किस तरह से कर सकते हैं इसके लिए फिर मिलेंगे।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐 ...

Aaj ka vichar (13/04/2020)

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                                   नमस्कार👏💐 कोविड 19 की वजह से लॉकडाउन बढ़ने की सम्भावना अधिक हैं।इसका मतलब है हम लोगों को अभी कुछ दिनों तक घर मे रहना पड़ेगा जिस वजह से सारी सरकारी और प्राइवेट कम्पनी, मॉल,होटल्स,स्कूल-कालेज और सभी छोटे-बड़े दुकानें बंद रहेगी। जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी। अर्थव्यवस्था गडबड़ा जाएगा। जिससे देश मे मंदी आयेगी। देश की इकोनॉमी गिरेगा। अब आप में से बहुत लोग हैं जो कहेंगे कि हम क्या कर सकते हैं। आपके पास हम सबके पास दो आप्शन हैं एक जो पहले कर रहे थे और अभी भी कर रहे हैं। वही आगे भी करते रहे है। दुसरा की इस विषय पर सोचे कि किस तरह से इकोनॉमी बढ़ाने के लिये काम कर सकते हैं। जिस तरह से जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम की वजह से सब खत्म हो जाने के बाद भी वहां के हर एक नागरिक ने अपने देश की इकोनॉमी को बेहतर करने के लिए काम किया लेकिन यहां पर एक महामारी वायरस की वजह से समस्या है जो कब तक नियंत्रण में होगा पता नहीं। इसलिये हम सभी लोगों को अलग तरह से इस पर सोचना होगा। किस तरह,...

Aaj ka vichar (12/04/2020)

                                      नमस्कार👏💐 कोविड 19 महामारी का संकट पूरे देश मे गहराता जा रहा है। जिस तरह से श्रीमाननीय प्रधानमंत्री जी को एक बार फिर से लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में निर्णय लेने का समय आ गया है लेकिन इस लॉकडाउन की वजह से बेरोजगारी बढ़ती जा रही हैं। अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ा रहा है। उसी प्रकार आपको भी इस संकट के समय एक अतिरिक्त साथ में नये इनकम स्रोत या एक नये व्यवसाय के बारे में निर्णय लेने की जरुरत है। आप लाइन में सबसे आगे खड़े  होना चाहते हैं या सबसे पीछे। निर्णय आपका हैं कि लाइन आपसे बने या लाइन में आप खड़े रहे। दोनों विकल्प आपके, हमारे सबके पास हैं। बस उस पर विश्वास के साथ हिम्मत करके निर्णय लेने की जरुरत है। एक समय नोकिया कम्पनी का समय था। समय के साथ निर्णय ना लेकर अपने को अपग्रेड नहीं किया जिसकी वजह से मार्केट मे नहीं के बराबर रह गया। समय-समय पर आपका मोबाइल भी अपडेट मागंता हैं। किस तरह, क्यों और क्या निर्णय लेना हैं इसके लिए फिर मिलेंगे।👏 इसी तरह अपना स्ने...

Aaj ka vichar (11/04/2020)

                                      नमस्कार👏💐 कोविड 19 की महामारी से आज पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। इस संकट के समय आज हमें निर्णय लेने की जरुरत है। क्योंकि अब लिया गया निर्णय आपका ही नहीं आपके परिवार और देश दोनों पर असर डालेगा। आज आपके सामने हैं हमारे श्रीमाननीय प्रधानमंत्री जी का लिया गया निर्णय भी हैं जो कोविड 19 की वजह से लॉकडाउन का निर्णय अन्य देशों की तुलना में अपने देश में जल्दी से निर्णय ले लिया गया। आप देख सकते हैं जिसकी वजह अन्य देशों की तुलना में अपने देश में कोविड 19 पाजिटिव और लोगों की मौत बहुत कम है केवल एक वजह हैं निर्णय। अब आपको निर्णय लेने के बारे में ध्यान देने की जरुरत है क्योंकि आपका भविष्य हैं और आपका परिवार हैं इसकी जिम्मेदारी भी आपकी हैं। क्यों,क्या और किसके बारे में निर्णय लेना है। इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद👏💐 9005259991

Aaj ka vichar (10/04/2020)

                                   नमस्कार👏💐 आई एल ओ ने अपने ताजा आकलन मे आगाह किया है कि कोविड 19 की महामारी से भारत में 40 करोड़ लोग भीषण गरीबी में डूब सकते हैं वहीं सी एम आई ई के अनुसार बेरोजगारी की दर 23.8 हो गई है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में बेरोजगारी दर सर्वोच्च शिखर पर पहुंच चुकी है, तो भारत की स्थिति का अन्दाजा लगाया जा सकता है। इसलिये हम लोगों को सोचने की जरुरत है। कबीर जी की दो पंक्तियां हैं - * चार जने मिल खाट उठाई, चहुं दिस भम भम उठल हो कौन ठगवा नगरिया लूटल हो * जिंदगी से हम सबसे ज्यादा सीख तब लेते हैं जब किसी बुरे वक्त से गुजरते हैं। बुरे वक्त में ही हमें जिंदगी, रिश्तों और अपनों की कीमत का पता चलता है।अच्छे वक्त में हम सिर्फ अच्छाइयों मे ही खोए रहते हैं,जिंदगी के कठिन पहलुओं पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता है। लेकिन आज वो वक्त आ गया है कि हमें अपने परिवार और देश के इकोनॉमी को बेहतर करने के लिए सोचने की जरुरत है कि किसी तरह से और क्या करके बेहतर कर सकते हैं। इसके लिए...

Aaj ka vichar (09/04/2020)

                                      नमस्कार👏💐 देश भर में कोरोना महामारी की वजह से बंदी हैं अभी लॉकडाउन खत्म होने की सम्भावना कम हैं। इस लॉकडाउन मे आपके पास सभी के पास 2 आप्शन हैं। एक वे जो शिकायत करते हुए या रोते हुए अपने 19 दिनों को काट दिया है और दूसरे जगह आप मे से कुछ लोगों ने इस लॉकडाउन को एक अवसर के रूप मे लेकर अपने लोगों और देश की इकोनॉमी को बढ़ाने के लिये प्लानिंग बनाने में लगें हुए हैं। यदि आप भी दूसरे विकल्प के साथ हैं अपने लोगो और देश के इकोनॉमी को बढ़ाना चाहते हैं तो मेरे साथ बनाने रहे या मुझसे सम्पर्क भी कर सकते हैं। इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद👏💐💐 9005259991

Aaj ka vichar (08/04/2020)

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                                  *नमस्कार* 👏💐                                   *जरा सोचिए* देश भर में कोरोना महामारी और उसके चलते लॉकडाउन से बेरोजगारी दर में वृद्धि होने का अनुमान हैं। लॉकडाउन खत्म होने मेंं अब बस एक हफ्ता बचा हुआ है। और इस समय हर किसी के दिमाग में यही सवाल होगा कि एक हफ्ता बाद क्या होगा।यदि आप लोगों का सपोर्ट करना चाहते है तो ये आपके लिए है और यदि आप ये सोच रहे हैं कि देश का, इकोनॉमी का क्या होगा, आप के बिजनेस, जॉब और करियर का क्या होगा तो आप के लिए ये नहीं है। अभी हम क्या करके बहुत बड़े नुकसान होने से बचा सकते हैं।1946 मे जापान के हिरोशिमा और नागासाकी मे परमाणु बम के गिरने से इकोनॉमी पूरी तरह से गिर गया उसके बाद वहां की सरकार और हर एक व्यक्ति ने दिनों रात मेहनत करके अपने देश के इकोनॉमी को सबसे ऊपर लेकर गए। लेकिन मैं आपसे ये बात क्यों कह रहा हूँ।हमारी लड़ाई किसी देश से नहीं है कोरोना महामारी से ह...

Aaj ka vichar (07/04/2020)

                            नमस्कार 👏💐 शुभ प्रभात                                         जरा सोचिए मैं कुछ नहीं कह रहा हूँ केवल एक प्रयास मात्र है। आप बिल्कुल भी मेरी बात न माने क्योंकि आपके परिवार की जिम्मेदारी किसकी हैं आपकी। यह फाइनेंशियल क्राइसिस और इकोनॉमी क्राइसिस नहीं है यह हेल्थ क्राइसिस हैं। अभी 14 तरीख से 24 दिनों का लॉकडाउन है और कितने दिनों तक रहेगा पता नहीं। जिसकी वजह से मंदी आ चुकी हैं। 2008 मे मंदी आया था। हर 10 साल पर आता रहता है लेकिन यह बहुत बडी मंदी हैं। जरा सोचकर देखिए आप जो भी रोजगार या व्यवसाय कर रहे हैं अभी 24 दिनों के लिए बंद हुआ है आप कितने दिन पीछे चले गए हैं और जिन लोगों ने विल्कुल भी सेविंग नहीं की हैं वे कितने दिन पीछे चले गए होंगे। यदि आप केवल एक ही व्यवसाय या रोजगार कर रहे है और उसी के भरोसे हैं तो आप को अभी और तुरंत से ध्यान देने की जरुरत है क्योंकि ऊपर वाला ना करें जो आज की स्थिति ...

Aaj ka vichar (06/04/2020)

                          नमस्कार 👏💐 शुभ प्रभात इस महामारी की वजह से एम.एस.एम.ई के अनुसार तकरीबन 1.7 करोड़ छोटे उघोग बंद होने का खतरा अपने भारत में है।जो सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला है लेकिन संकट मे घिर गए हैं। इसलिये हमें कोरोना महामारी के बारे मे ना बात करके इससे हटकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बारे में विचार करने की जरुरत है क्योंकि तभी हमारे लोग, समाज और देश विकास कर सकेगा। किस तरह से अपने लोगों के सहयोग से देश को आर्थिक मंदी से बचा सकते हैं। इसके हम लोगों को मिलकर आज के समय के अनुसार स्वरोजगार करने की जरुरत है। आगे कैसे और किसी तरह से और कौन सा स्वरोजगार कर सकते हैं। इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐💐                      9005259991

Aaj ka vichar (05/04/2020)

                           नमस्कार 👏💐 शुभ प्रभात इस महामारी की वजह से तकरीबन दो हफ्तों में एक करोड़ अमेरिकीयों को अपनी नौकरी गंवानी पडी। आगे हालात और खराब हो सकते हैं। जिस तरह से हमारे देश की आर्थिक  गतिविधियां ठप हुई हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ जिस की वजह से सबसे बड़ी मंदी की आशंका है। इतनी अधिक मंदी जो लगभग आ चुकी है।हमारे देश पर भी असर पड़ेगा। उस पर लोगों का ध्यान नहीं है। क्षमा मैं आप सबसे मांगता हूं जमात (मरकस निजामुद्दीन) जैसे विषय पर ना मैं बात कर रहा हूँ ना ही करना चाहता हूँ क्योंकि अभी 2-3 दिनों से जमात (मरकस निजामुद्दीन) को लेकर लगभग लोग अपना सही और गलत बातें लिखे और बोले जा रहे हैं जैसे -व्हाट्सएप, फेसबुक, टीवी आदि पर। क्या ऐसे ही विषय पर बोलने का काम है हमारा, इसके अलावा आपदा और समस्या के विषयों पर सरकार का लेकिन क्या इस तरह से बोल के आपके लोगों का, समाज का और देश का कुछ भी फायदा होने वाला है नहीं ! बिल्कुल भी नहीं। बल्कि और भी नुकसान। जिन लोगों का काम है वो बहुत अच्छे से कर रहे है। हमें दूरिय...

Aaj ka vichar (04/04/2020)

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                                नमस्कार👏💐शुभ प्रभात *जरा सोचिए* लगभग 21 दिन के लिये सभी कुछ बन्द हो जाने के बाद भी कुछ लोग हैं जो घर बैठै कमा रहे है। वो कैसे! जिनका आज भी व्यवसाय चल रहा है वो लोग कभी एक व्यवसाय के भरोसे नहीं रहे और उन्होंने बदलते समय के साथ अपने को बदलते हुए सबसे पहले आगे आकर काम किया। अब सोचने की बारी आप की है कि कोरोना वायरस जैसी महामारी के बारे मे ना सोचते बल्कि किस तरह से या क्या काम करके भविष्य मे आने वाली आपदा और समस्या के लिए अपने और अपने लोगों के लिए अर्थव्यवस्था को बेहतर कर सकते हैं।ऐसा कौन सा  व्यवसाय हैं। इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐💐

Aaj ka vichar (03/04/2020)

                            नमस्कार👏💐शुभ प्रभात * जरा सोचिए * दुकानदारी गयी लगभग 21 दिन के लिये नौकरी गयी लगभग 21 दिन के लिये छोटे मोटे धंधे बन्द लगभग 21 दिन के लिये स्कूल और कॉलेज बन्द लगभग 21 दिन के लिए रेलवे बन्द लगभग 21 दिन के लिये रिक्शा,बस सब बन्द लगभग 21 दिन के लिये हवाई उड़ाने बन्द लगभग 21 दिन के लिये दिहाड़ी वाली मजदूरी बन्द लगभग 21 दिन के लिये खुद का घर परिवार कैसे चलेगा ? भविष्य में क्या होगा? सब्जी और फलों की मंडिया समयानुसार मेडिकल और अस्पताल 24×7 किराने की दुकान समयानुसार पेट्रोल पंप समयानुसार कोरियर आफिस और डिलीवरी समयानुसार लेकिन आज भी कुछ लोग हैं जो घर बैठै कमा रहे है और हमें चिन्ता लगी है। इसलिए अब सोचने वाली बात ये है कि वो क्या व्यवसाय या काम कर रहे हैं जो कि उनका व्यवसाय आज भी घर बैठे चल रहा है और हम लोगोंं का नहीं। ऐसा क्या है! इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद👏💐💐

Aaj ka vichar (02/04/2020)

                            नमस्कार 👏💐 शुभ प्रभात इस महामारी की वजह से पूरे देश मे लॉकडाउन हटने केे बाद कैसा होगा देश की तस्वीर। इंसानी स्वभाव है हमेशा आगे की सोचता है। नई राहें भी तैयार करने मे जुटा रहता है। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट मे लिया हुआ है लोगों ने इस के बाद क्या होगा इस पर चिंतन करना शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस के बाद दुनिया अलग होगा कुछ चीजें पूरी तरह से बदल जाये गई और कुछ सामान्य रहेंगी। देश मेंं रोजगार और आर्थिक समस्या आ सकती है। किसकी तरह से परिवर्तन करके हम समाज और देश को आगे बढ़ने मे सहयोग करें। वो कैसे ! इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐💐

Aaj ka vichar (01/04/2020)

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                              नमस्कार 👏💐 शुभ प्रभात अब बात आता है कि इस समय जब पूरे देश मे लॉकडाउन हैं ऐसे मे क्या काम कर सकते हैं। हम लोग आज को देखते हुए इस तरह से कुछ सोचने की जरुरत है कि जब देश मे लॉकडाउन हटे तब हम पीछे न रहे क्योंकि इस लॉकडाउन से हमारे देश मेंं रोजगार और आर्थिक समस्या आ सकते है  जिसकी वजह से हमारा समाज और देश पीछे ना हो इस विषय को जाने की जरूरत है। वो कैसे ! इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐💐

Aaj ka vichar (31/03/2020)

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                         नमस्कार 👏💐 शुभ प्रभात हमारे देश मेंं महामारी फैली हुई है। इस महामारी को नकारात्मक तरह से न सोचते हुए हम लोग को सकारात्मक तरह से सोचते हुए परिवर्तन लाने की जरुरत है यदि आर्थिक रूप से हमें,अपने परिवार समाज और देश को मजबूत बनाना है तो अलग तरह से सोचते हुए भविष्य को बेहतर करना पड़ेगा। क्योंकि इस तरह की समस्या हर साल किसी न किसी रूप में आता रहे गा। कुछ इस तरह से काम किया जाये कि एक बार अच्छे तरह से काम कर ले और काम होता रहे पैसे आते रहे - वो कैसे ! इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐💐 Blogger ID  - P0513.blogspot.com          

Aaj ka vichar (30/03/2020)

                             नमस्कार 👏💐 शुभ प्रभात हमारे देश मेंं महामारी फैली हुई है। हर साल कोई न कोई महामारी के रूप में समस्या आती रहती है और आती रहे गी क्योंकि प्राकृतिक भी सन्तुलन बनाती।आज की तरीख मे सभी कुछ दिक्कत मे हैं। लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग हैं जो ढेर सारे रूपये कमा रहे है आप कहें गे कि कैसे? जब तक आप लोग अपने को बेहतर नहीं करोगेंं तब तक बाहर बेहतर नहीं हो सकता हैं। सन् 1904 मे Mr. Thomas Edison जिस फैक्टरी मे खोज और निर्माण कार्य कर रहे थे वहां पर भीषण आग लगाया जब Mr. Thomas Edison को यह बात पता चला तो वे देखकर मुस्कुराने लगें उन से पुछा गया कि आप क्यों मुस्कुरा रहे हैं उन्हें ने उस भीषण आग को एक नये अवसर के रूप मे लिया और कहा इस आग की वजह से जो भी गलत खोज और निर्माण हुए थे वह सब जल गया इसी तरह से हम सभी लोग को इस महामारी को नये अवसर की तरह देखने की जरुरत है। आप कुछ कर सकते नहीं जो सावधानी बरतने के लिए कहा गया है उस सावधानी को रखते हुए जो हो सके दूसरों की मदद करना और हमें भी परिवर्तन लाने की ...

Aaj ka vichar (29/03/2020)

                      नमस्कार👏💐 शुभ प्रभात हमारे देश मे *कोरोना*वायरस महामारी है जिसकी वजह से हमारे देश की स्थिति चाइना जैसी स्थिति हो सकती है।अभी आकडेंं देखे तो सभी विद्यालय, शापिंगमाल, जिम और सभी बड़ी कम्पनी बन्द कर दी गई है।मार्च का माह हैं स्कूल बन्द होते ही लोग घूूमने जाते है लेकिन टूरिज्म की बैड़ बाजी पडी हैं होटल बन्द है। सेमिनार और इवेंट पर रोक लगा है।अधिकतर कम्पनी बन्द हो गयी हैं और जो खुले हैं उनका  उत्पादन कम हो रहा है। लोगों को घर से निकलने के लिए मना कर दिया गया है कम्पनी ने भी वर्क फार्म होम दिया है। साारे छोटे व्यापारी  का काम डाउन हो गया है । इसकी वजह से हो सकता है बहुत सारे लोगों की नौकरी खतरेे मे आ गई हो या  नौकरी जाने वाली हो। कुछ कह नहीं सकते हैं कि ये स्थिति कब तक रहे गा। शेयर बाजार का ग्राफ लगातार गिर रहा हैं लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग हैं जो पैस कमा रहे हैं। आप कहेंगे कि कैसे? इसके लिए फिर मिलेंगे नमस्कार।👏 इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐💐