Aaj ka vichar (01/05/2020)
नमस्कार👏💐
कोविड 19 एक वैश्विक महामारी को लेकर संपूर्ण विश्व इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। जैसा कि इस समय दुनिया के अधिकांश देश कोरोना वायरस महामारी की समस्या से जूझ रहे है। हमारा देश भी इसकी चपेट मे हैं। अधिक समय तक लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही हमारे आसपास के मुहल्ले, गांवों और शहरों में भी घरेलू सामाजिक समस्याओं के बढ़ने के आसार बहुत ज्यादा दिखाई दे रहे है। यह अस्वाभाविक नहीं कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना बन रही है। इसके पीछे कुछ ठोस आधार है और सबसे बड़ा अंदेशा है कि कहीं लॉकडाउन जीविका के साधनों को इतना अधिक पंगु न कर दे कि गरीब तबके के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाए। अर्थव्यवस्था का थमा हुआ पहिया तेजी से गति पकड़े। देश को लॉकडाउन से बाहर निकालना कम चुनौतीपूर्ण नही है। कोरोना संकट के कारण दुनियाभर में असंगठित क्षेत्र के 1.6 अरब श्रमिकों के सामने रोजगार खोने का संकट खड़ा हो गया है। आर आई एल ने कर्मचारियों के वेतन में 10-50 फीसदी तक कटौती की घोषणा कर दी है। इसलिये देश और अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए सरकार के साथ हम लोगों को भी एक नये सोच से विचार करना पड़ेगा। तभी हम लोग इस समस्या से निकल सकते है और आगे भी अपने को बेहतर करते हुए आने वाली समस्याओं के लिए तैयार कर सकेंगे। कैसे और क्या करके बेहतर कर सकते है। इसके लिए फिर मिलेंगे।👏💐
अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐
#9005259991
#राजेन्द्र कुमार
कोविड 19 एक वैश्विक महामारी को लेकर संपूर्ण विश्व इस समय एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। जैसा कि इस समय दुनिया के अधिकांश देश कोरोना वायरस महामारी की समस्या से जूझ रहे है। हमारा देश भी इसकी चपेट मे हैं। अधिक समय तक लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही हमारे आसपास के मुहल्ले, गांवों और शहरों में भी घरेलू सामाजिक समस्याओं के बढ़ने के आसार बहुत ज्यादा दिखाई दे रहे है। यह अस्वाभाविक नहीं कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना बन रही है। इसके पीछे कुछ ठोस आधार है और सबसे बड़ा अंदेशा है कि कहीं लॉकडाउन जीविका के साधनों को इतना अधिक पंगु न कर दे कि गरीब तबके के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाए। अर्थव्यवस्था का थमा हुआ पहिया तेजी से गति पकड़े। देश को लॉकडाउन से बाहर निकालना कम चुनौतीपूर्ण नही है। कोरोना संकट के कारण दुनियाभर में असंगठित क्षेत्र के 1.6 अरब श्रमिकों के सामने रोजगार खोने का संकट खड़ा हो गया है। आर आई एल ने कर्मचारियों के वेतन में 10-50 फीसदी तक कटौती की घोषणा कर दी है। इसलिये देश और अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए सरकार के साथ हम लोगों को भी एक नये सोच से विचार करना पड़ेगा। तभी हम लोग इस समस्या से निकल सकते है और आगे भी अपने को बेहतर करते हुए आने वाली समस्याओं के लिए तैयार कर सकेंगे। कैसे और क्या करके बेहतर कर सकते है। इसके लिए फिर मिलेंगे।👏💐
अपना स्नेह बनाए रखने और साथ देने के लिए धन्यवाद।👏💐
#9005259991
#राजेन्द्र कुमार
Comments
Post a Comment